इजरायली हमलों के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का बड़ा बयान, ओमान का नाम लेकर क्या कहा

सीजफायर के बावजूद, एक बार फिर इजरायल और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं. इस बीच ईरान के एक डिप्लोमैट ने होर्मुज स्ट्रेट के संबंध में बड़ी अपडेट दी है. युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट तनाव के सबसे बड़े मुद्दों में शामिल रहा जिसे ईरान ने लगभग बंद कर रखा है. दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस रास्ते के बंद होने से तेल-गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं. अब इस रास्ते को लेकर ईरानी डिप्लोमैट ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा लेकिन अब यह ईरान और ओमान की ओर से तय की जाने वाली नई शर्तों के तहत ऑपरेट किया जाएगा. इन शर्तों में जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलना भी शामिल होगा.

अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध के कारण इस समुद्री रास्ते से होने वाला तेल व्यापार काफी हद तक प्रभावित हुआ है. संघर्ष से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी स्ट्रेट से गुजरता था. हाल के दिनों में कुछ तेल टैंकर खाड़ी क्षेत्र से निकलने में सफल रहे हैं, लेकिन कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई अब भी गंभीर रूप से बाधित है.
रूसी अखबार इजवेस्टिया को दिए एक इंटरव्यू में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने कहा, ‘बेशक यह स्ट्रेट खुला रहेगा, लेकिन नई शर्तें ईरान और ओमान के संबंधित अधिकारी तय करेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘हम मानते हैं कि इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ जरूरी सेवाएं ईरान और ओमान उपलब्ध कराते हैं. इन सेवाओं के लिए फीस ली जाएगी.’ हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह फीस कितनी होगी और किस आधार पर तय की जाएगी.

होर्मुज स्ट्रेट पर फीस वसूलने का अधिकार मांग रहा ईरान

ईरान का कहना है कि किसी स्थायी शांति समझौते में उसे इस स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से फीस लेने का अधिकार मिलना चाहिए. यह फीस जहाज के प्रकार, उसके माल और उस समय की परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है.
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में ट्रांजिट फीस वसूले जाने का कड़ा विरोध किया है. मई के अंत में अमेरिका ने ओमान को चेतावनी दी थी कि वो ईरान के साथ मिलकर किसी भी प्रकार का ट्रांजिट टोल लगाने की कोशिश में शामिल न हो. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि ओमान के राजदूत ने उन्हें बताया है कि ऐसी कोई प्लानिंग नहीं है.
युद्ध से पहले जापान अपनी तेल जरूरतों का लगभग 95% मध्य-पूर्व से आयात करता था. जापान ने सोमवार को कहा कि मई में जापान से जुड़ा एक कच्चे तेल का टैंकर जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा था, तब उसने किसी प्रकार की ट्रांजिट फीस नहीं दी थी.
इस बीच सोमवार को इजरायल ने कहा कि उसने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. ऐसी खबरें हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से आगे और हमले न करने को कहा था.

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