US-ईरान जंग में उलझे… इधर भारत ने कर दिया खेल, कल होंगे FTA पर साइन

एक ओर जहां अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी और होर्मुज को लेकर वार-पलटवार के ग्लोबल टेंशन हाई पर बनी हुई है. तो वहीं भारत के लिए एक गुड न्यूज आई है. लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद अब भारत और न्यूजीलेंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने वाले हैं और ये सोमवार को होगा. इस डील का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करना है. 

20 अरब डॉलर का निवेश आएगा 

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल को India-New Zealand FTA पर साइन करेंगे. यह समझौता बीते साल 22 दिसंबर 2025 को दोनों पक्षों में हुई बातचीत के पूरी होने के बाद अब किया जा रहा है. इस एफटीए से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी और अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर का निवेश आएगा. एफटीए पर साइन दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होंगे और इसमें केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले मौजूद रहेंगे. 

FTA से ये बड़े फायदे भी होंगे

20 अरब डॉलर का निवेश आने के साथ ही इस एफटीए के जरिए भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा की सुविधा में इजाफा होगा, जबकि भारतीय दवाओं और मेडिकल उपकरणों के एक्सपोर्ट में भी आसानी होगी. दूसरी ओर अगर बात न्यूजीलैंड की करें, तो उसके करीब 95% प्रोडक्ट्स पर भारत लागू टैरिफ कम करेगा या खत्म करेगा. 
इन सामानों में खासतौर पर ऊन, कोयला, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे सामान शामिल हैं. हालांकि, भारत घरेलू किसानों और एग्रीकल्चर बेस्ड उद्योगों के हित में डेयरी और खाद्य तेल, सब्जियों जैसी चीजों को इस समझौते से बाहर रख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और न्यूजीलैंड दोनों देशों ने अगले पांच साल में अपना व्यापार 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है. 

भारतीय निर्यातकों को राहत 

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते भारतीय निर्यातकों पर बुरा असर पड़ा है और ऐसे समय में ये एफटीए की खबर उनके लिए बेहद राहत भरी है. क्योंकि समझौते के तहत भारतीय निर्यातकों को फायदा मिलेगा और ओशिनिया क्षेत्र में एक्पोर्ट बढ़ाने की राह आसान होगी. इसके अलावा इस समझौते से सर्विस सेक्ट से लेकर एग्रीकल्चर समेत अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. 

गोयल बोले- आगरा के इस सेक्टर को फायदा

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एफटीए पर साइन से पहले रविवार को कहा कि जिस समझौते पर 27 अप्रैल को हस्ताक्षर होने वाले हैं, आगरा के चमड़ा निर्यातकों सहित घरेलू कंपनियों के लिए बड़े अवसर प्रदान करेगा. 

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *