अमेरिका के वॉशिंगटन में हिल्टन होटल के अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक प्रोग्राम में शामिल हुए थे, जहां वे डिनर भी करने वाले थे. तभी वहां गोली की आवाज सुनाई दी और सीक्रेट सर्विस और सीक्रेट सर्विस असॉल्ट टीम ने वक्त ना गंवाते हुए ट्रंप के लिए अभेद्य मानव घेरा बना दिया.
जहां सूट पहने सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप की सुरक्षा के लिए चारों तरफ से घेराव किया और उनको डबल सिक्योरिटी देने के लिए स्टेज पर तुरंत सीक्रेट सर्विस असॉल्ट टीम भीसामने आ गई, जिनकी मदद से ना सिर्फ ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाला गया बल्कि हमलावर को दबोचा गया.
ट्रंप के सिक्योरिटी की जिम्मेदारी
ट्रंप की सिक्योरिटी का जिम्मा यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस के पास है. ट्रंप की सुरक्षा में आए सीक्रेट सर्विस असॉल्ट टीम ने हाईटेक के हेलमेट पहना था, जिसको टैक्टिकल हेलमेट कहा जाता है. इस स्टाइल के हेलमेट को हाई-कट या FAST हेलमेट कहते हैं. हेलमेट सिर्फ सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे मूविंग कंट्रोल रूम की तरह काम करता है.
हेलमेट के ऊपर माउंटिंग ब्रेकेट
सामने आए वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि हेलमेट के ऊपर माउंटिंग ब्रेकेट है, जिस पर कई जवानों स्पेशल लेंस लगाए हुए दिखाई दिए. ये लेंस नाइट विजन लेंस है, जो सैनिकों को रात के अंधेरे में देखने की सुविधा देते हैं.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्पेशल फोर्स के कान पूरी तरह से कवर थे, जो दिखाते हैं कि वह कम्युनिकेशन सिस्टम के साथ कनेक्टेड थे.
स्पेशल हेलमेट के ऊपर कैमरे भी लगे होते हैं, जो पूरे मामले को रिकॉर्ड करते हैं. ऐसे में राष्ट्रपति की सिक्योरिटी को और बेहतर किया जाता है. साथ ही जरूरत पड़ने पर बैकअप फोर्स को भी मौके पर भेजा जाता है.
डोनाल्ड ट्रंप की सिक्योरिटी में बड़े इवेंट्स, रैलियों या फिर अटैक की आशंका में ये टेक्टिकल गियर के साथ हाई अलर्ट मोड पर रहते हैं.
हमले के बाद तुरंत ऑन की लाइट
डोनाल्ट ट्रंप की सिक्योरिटी में लगी फोर्स ने तुरंत एक लाइट को ऑन कर दिया. इसका इस्तेमाल हमलावर को भ्रमित करने के लिए किया जाता है. साथ ही सिक्योरिटी टीम को हमलावर का क्लियर विजन मिल सके. इसके बाद कुछ सेकेंड के अंदर के अंदर हमलावर को दबोच लिया गया.
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