ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई है. एक तरफ तो वार्ता का दूसरा दौर रद्द होने के बाद तनाव बढ़ गया है, वहीं दूसरी तरफ होर्मुज में एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया है. लगातार तीसरी घटना ऐसी सामने आई है, जब होर्मुज में किसी कंटेनर शिप को निशाना बनाया गया है. पहले दो हमले जहां अमेरिका की ओर से किए गए हैं, वहीं इस बार ईरान ने कंटेनर शिप को निशाना बनाया है.
यूके मैरिटाइम ट्रेट ऑपरेशंस ने बताया है कि ओमान के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की रिपोर्ट मिली है. यह घटना ओमान के उत्तर-पूर्व में करीब 15 समुद्री मील की दूरी पर हुई. एजेंसी के मुताबिक कंटेनर जहाज के कप्तान ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गनबोट जहाज के पास आई और उस पर फायरिंग की. इस हमले में जहाज के कंट्रोल रूम को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि किसी तरह की आग लगने या पर्यावरण को नुकसान होने की खबर नहीं है. जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं.
होर्मुज पर फिलहाल क्या है स्थिति
ईरान इस जलडमरूमध्य पर मजबूत निगरानी बनाए हुए है और कई मामलों में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण या जांच कर रहा है. यूनाइटेड स्टेट्स की नौसेना भी इलाके में सक्रिय है और उसने ईरान पर दबाव बनाने के लिए समुद्री नाकाबंदी जैसे कदम उठाए हैं. कुछ घटनाओं में जहाजों को रोका गया, फायरिंग की खबरें आईं और तनाव बना हुआ है. दोनों देशों के बीच होर्मुज को लेकर अब तक कोई समझौता नहीं हो पाया है. ऐसे में दोनों ही अपना-अपना नियंत्रण इस जगह पर बता रहे हैं. अमेरिका नाकेबंदी करके बैठा है, तो ईरान भी अब सक्रिय हो गया है और इस इलाके से जाने वाले जहाजों पर हमले करने लगा.
क्यों विवाद में घिरा है होर्मुज?
कानूनी तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता अंतरराष्ट्रीय है, इसलिए सभी देशों के जहाजों को गुजरने का अधिकार होता है. जमीनी हकीकत में ईरान अपनी सैन्य मौजूदगी के कारण यहां अपना प्रभाव बनाए हुए है. वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी इस प्रभाव को चुनौती दे रहे हैं, इसलिए टकराव की स्थिति बनती रहती है. ईरान चाहता है कि इस जगह पर उसे टोल वसूलने का अधिकार मिल जाए, लेकिन अमेरिका का कहना है कि ये रास्ता फ्री पैसेज है और यहां से कभी के जहाज गुजर सकते हैं.
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