अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने वाला है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ‘पीस टॉक’ के दूसरे दौर की उम्मीद जताई जा रही है. दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी तकरार एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर है. डॉनल्ड ट्रंप का एक बड़ा कबूलनामा भी आया, जिसमें उन्होंने माना कि ईरान का यूरेनियम बाहर निकालना आसान नहीं है. इसके बावजूद ट्रंप ने जोर दिया कि जून 2025 में ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर किया गया अमेरिका का हमला कामयाब था.
जून 2025 में ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान – पर B2 बॉम्बर से हमले किए थे. तब ट्रंप ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स के खात्मे का दावा किया था. 28 फरवरी 2026 को भी अमेरिका का ईरान पर अटैक का एक मकसद ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म करना था. अब ट्रंप ने खुद ईरान के यूरेनियम पर नया बयान दे दिया.
अमेरिकी प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया,
“ऑपरेशन मिडनाइट हैमर ईरान में न्यूक्लियर डस्ट साइट्स का पूरा और संपूर्ण विनाश था. इसलिए, इसे खोदकर निकालना एक लंबा और मुश्किल काम होगा.”
अपने पोस्ट में डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु जखीरे को ‘धूल’ यानी ‘गर्द’ से नवाजा और ‘न्यूक्लियर डस्ट’ शब्द का इस्तेमाल किया. ट्रंप सरकार को डर है कि ईरान एनरिच किए गए यूरेनियम की मदद से परमाणु हथियार तैयार कर सकता है. डॉनल्ड ट्रंप ने वॉर रिपोर्टिंग को लेकर अमेरिका के मीडिया के एक हिस्से की भी आलोचना की. उन्होंने लिखा,
“फेक न्यूज CNN, और दूसरे भ्रष्ट मीडिया नेटवर्क और प्लेटफॉर्म, हमारे महान एविएटर्स (एयरमैन) को वो क्रेडिट नहीं दे पाए जिसके वे हकदार हैं. हमेशा नीचा दिखाने और छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं – लूजर्स!!!”
तेहरान की आपत्ति के बावजूद डॉनल्ड ट्रंप ने कई बार ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को अमेरिका लाने की बात कही है. बीते दिनों जब ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने को तैयार है, तो ईरान ने भी कड़ा पलटवार किया.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने एक बयान में कहा था कि ईरान का एनरिच्ड यूरेनियम किसी भी हालत में कहीं भी ट्रांसफर नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि जैसे ईरान की मिट्टी पवित्र है, वैसे ही उसका एनरिच्ड यूरेनियम भी है.
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