दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार सुबह 11 बजे कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सजा सुनाने की प्रक्रिया शुरू की और दोपहर 12:41 बजे 3 साल की सजा का फैसला सार्वजनिक हुआ। कोर्ट ने अपील के लिए 60 दिन की मोहलत देते हुए सजा निलंबित रखी।
फैसले के बाद विधानसभा स्तर पर भी हलचल तेज हो गई। रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद विधानसभा खोली गई और भारती की सीट रिक्त घोषित करने के लिए चुनाव आयोग को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हालांकि स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर और प्रमुख सचिव शर्मा की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इधर, घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी शर्मा विधानसभा पहुंचे, जबकि कुछ देर बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी वहां पहुंच गए।

कांग्रेस भी विधानसभा पहुंची, कहा- भाजपा के इशारे पर उठाया कदम
• पटवारी और पीसी शर्मा सीधे विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चैंबर पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई। कुछ देर बाद अरविंद शर्मा वहां से निकल गए।
• इसके बाद बाहर आए पटवारी ने आरोप लगाया कि रात करीब 11 बजे विधानसभा खोली गई और विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया।
• पीसी शर्मा ने कहा- जब विधानसभा चलनी चाहिए थी तब नहीं चली, और अब सदस्यता खत्म करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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भारती के पास क्या विकल्प :
2 दिन के भीतर दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगे
• राजेंद्र भारती के बेटे अनुज के मुताबिक, दो दिन में दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की जाएगी। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा विधायक भारती के पक्ष में पैरवी करेंगे।
• तन्खा बोले- भारती के केस में विधायकी जाएगी या नहीं यह सिर्फ दिल्ली हाई कोर्ट तय करेगा। सेशन कोर्ट ने अपील के लिए वक्त दिया है।
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भारती को राहत के कितने आसार :
यह क्रिमिनल केस, इसलिए मुश्किलें बढ़ेंगी
तीन साल से अधिक की सजा होने पर अपील के लिए 60 दिन का समय देने का प्रावधान है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दो साल या इससे अधिक सजा होने पर विधायकी तुरंत खत्म करने का प्रावधान है। भारती का केस भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जो क्रिमिनल केस है। ऐसे में राहत मिलना मुश्किल है।’ -अनिल शुक्ला, एडवोकेट, हाई कोर्ट
एफडी फर्जीवाड़ा:
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा, लेकिन कोर्ट का आदेश- हाई कोर्ट में अपील करने तक सजा निलंबित रहेगी
दतिया जिला सहकारी व ग्रामीण विकास बैंक में 11 साल पहले दर्ज एफडी फर्जीवाड़े में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आपराधिक साजिश व धोखाधड़ी के लिए एक लाख रु. का जुर्माना भी लगाया। भारती के साथ सह आरोपी बैंक के बाबू रघुवीर प्रसाद प्रजापति को भी यही सजा सुनाई गई। हालांकि, फैसला सुनाने के बाद कोर्ट ने भारती को जमानत भी दे दी।
जमानत के साथ राहत…
कोर्ट ने दोनों दोषियों भारती और प्रजापति को फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने के लिए 60 दिन की मोहलत दी। इसके अलावा अपील करने तक सजा निलंबित रखने का भी आदेश दिया। यानी उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। यदि 60 दिनों में हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलती तो सजा काटनी पड़ेगी।
असर क्या…
जनप्रतिनिधित्व कानून में 2 साल की सजा पर विधायकी समाप्त होने का प्रावधान है। लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, अपील करने तक भारती विधायक बन रह सकते हैं।
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