किफायती विकल्प से ग्लोबल हब तक, कैसे एयरपोर्ट ने बदल दिया नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट

नोएडा एयरपोर्ट का इसी महीने उद्घाटन होने वाला है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया है. पीएम मोदी को 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण करने के लिए निमंत्रण भेजा है.
नोएडा एयरपोर्ट को पूर्वी एनसीआर (NCR) के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है. स्थानीय डेवलपर्स का मानना है कि इस हवाई अड्डे के शुरू होने से क्षेत्र में प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल आएगा. एयरपोर्ट को लेकर रियल एस्टेट बाजार में हलचल इसके निर्माण की घोषणा के साथ ही शुरू हो गई थी.

पिछले कुछ सालों में इस क्षेत्र में जमीन की कीमतों में जो उछाल देखा गया है, वह पूरी तरह से ‘फ्यूचर एक्सपेक्टेशंस’ यानी भविष्य की उम्मीदों पर आधारित था. निवेशकों ने एयरपोर्ट के चालू होने की संभावना को देखते हुए पहले ही भारी निवेश कर दिया है, जिसके कारण उद्घाटन से पूर्व ही कीमतें काफी हद तक ‘फैक्टर-इन’ हो चुकी हैं. यही वजह है कि आज यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर के आसपास का इलाका निवेश के लिहाज से पूरे दिल्ली-एनसीआर में सबसे हॉट डेस्टिनेशन बना हुआ है.

तेजी से बढ़े प्रॉपर्टी के रेट्स

28 मार्च को होने वाले आधिकारिक उद्घाटन के बाद इस क्षेत्र में कई बदलाव आने की उम्मीद है. रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स कहते हैं कमर्शियल उड़ानों के संचालन से न केवल कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि आसपास प्रस्तावित फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और इलेक्ट्रॉनिक हब जैसे प्रोजेक्ट्स में भी तेजी आएगी. उद्घाटन के बाद यहां केवल निवेशक ही नहीं, बल्कि एंड-यूज़र और बड़ी कंपनियां भी रुचि लेंगी, जिससे यह इलाका एक सक्रिय आर्थिक केंद्र के रूप में उभरेगा.

हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के कहते हैं, ‘नोएडा का रियल एस्टेट बाजार अब एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर आ चुका है, जिसने निवेश के पारंपरिक नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है. जिस नोएडा को कभी एनसीआर के एक किफायती विकल्प के तौर पर देखा जाता था, वह आज एक शक्तिशाली ग्रोथ हब बनकर उभरा है. इस अभूतपूर्व बदलाव की मुख्य वजह यहां का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शानदार एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, विस्तार लेता मेट्रो नेटवर्क और विशेष रूप से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी मेगा परियोजनाएं हैं. इन विकास कार्यों ने निवेशकों और खरीदारों के बीच एक ऐसा भरोसा पैदा किया है, जिससे न केवल मिड-सेगमेंट बल्कि प्रीमियम हाउसिंग में भी मांग का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है. ‘
अपने पहले चरण में, यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा, जिसे भविष्य में 5 करोड़ तक बढ़ाने की योजना है. डिजियात्रा (DigiYatra) के माध्यम से संपर्क रहित यात्रा, CAT III-सक्षम रनवे और हाई-स्पीड सुरक्षा प्रणालियों से लैस यह हवाई अड्डा यात्रियों को एक सुगम अनुभव का वादा करता है. जेवर में स्थित यह एयरपोर्ट इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर दबाव कम करेगा और पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. 

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