दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम जैसे शहरों की चमक-दमक लोगों को दूर से देखने में बहुत अच्छी लगती है, लेकिन अंदर की सच्चाई काफी चौंकाने वाली है. बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, ऑफिस, हाई सैलरी और मॉर्डन लाइफस्टाइल देखने में तो बहुत अट्रैक्टिव लगते हैं, मगर वहां की जिंदगी उतनी ही महंगी और चैलेंज से भरी हुई है. भले ही सब कुछ सुनने में किसी सपने जैसा लगता है, लेकिन इस चमक के पीछे एक ऐसी हकीकत भी छिपी है, जो आज के यंग प्रोफेशनल्स को अंदर तक सोचने पर मजबूर कर रही है.
अच्छी कमाई होने के बावजूद गुरुग्राम में घर खरीदना बेहद मुश्किल है, बच्चों की परवरिश का खर्च आसमान छू रहा है और भविष्य को सुरक्षित बनाना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल लगने लगा है. हाल ही में गुरुग्राम के एक कपल की कहानी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रही.
गुरुग्राम कपल की कहानी
इस कपल की सालाना जॉइंट इनकम 36 लाख रुपये है, यानी हर महीने लगभग 3 लाख रुपये की कमाई. मगर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इतनी रकम कमाने वाले इस कपल का कहना है कि इस इनकम के बावजूद वो दोनों बच्चे की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं हैं.
क्या होती है डिंक लाइफस्टाइल ?
इस वजह से गुरुग्राम के रहने वाले कपल ने डिंक लाइफस्टाइल अपनाने का फैसला किया है, जिसका मतलब डबल इनकम, नो किड्स होता है. इस कपल की सबसे बड़ी टेंशन बढ़ती महंगाई और शहर में रहने की कॉस्ट है. उनका कहना है कि गुरुग्राम में एक अच्छा 1BHK फ्लैट भी आराम से नहीं खरीद सकते हैं, ऐसे में बच्चे के लिए ज्यादा जगह, बेहतर फैसिलिटी और अच्छी पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल है.
कपल का मानना है कि जब खुद के लिए सही स्पेस और फाइनेंशियल सिक्योरिटी नहीं है तो आने वाले समय में वो अपने बच्चे को बेहतर फ्यूचर कैसे देंगे? यह मामला तब सामने आया जब रियल एस्टेट से जुड़े कंटेंट क्रिएटर हर्ष गुप्ता ने इस पर अपना रिएक्शन दिया.
एस्टेट बाजार की बनावट
हर्ष गुप्ता का कहना है कि सिर्फ इनकम की दिक्कत नहीं है, बल्कि रियल एस्टेट बाजार की बनावट भी समस्या है. यानी शहरों में घरों की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ चुकी हैं कि अच्छी कमाई करने वाले लोग भी उनको नहीं खरीद पा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को पढ़ने के बाद कई लोगों ने अपनी रिएक्शन भी दे रहे हैं. कुछ लोगों ने कपल के फैसले को जिम्मेदार बताया, तो कुछ ने कहा कि आज के समय में बच्चों की परवरिश केवल इमोशन से नहीं, बल्कि मजबूत फाइनेंशियल प्लानिंग से भी जुड़ी है.
असल में यह कहानी सिर्फ एक कपल की नहीं, बल्कि भारत के शहरी इलाकों की बदलती एक तस्वीर है. आज लोग सिर्फ शादी और परिवार तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे अपने लाइफस्टाइल को सुधारना,मेंटल हेल्थ और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को भी अहमियत दे रहे हैं.
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