डॉनल्ड ट्रंप को युद्ध की सनक? वेनेजुएला, ईरान के बाद अगले ‘शिकार’ का नाम बता दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान के बाद एक और देश के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं. उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के बाद वह क्यूबा में सत्ता परिवर्तन पर फोकस करेंगे. इससे पहले वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद भी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि या तो क्यूबा अमेरिका से डील कर ले या फिर परिणाम भुगतने को तैयार रहे.

रिपोर्ट के मुताबिक, 5 मार्च को वॉइट हाउस में इंटर मयामी फुटबॉल क्लब टीम के स्वागत के दौरान मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि पहले वेनेजुएला, अब ईरान और इसके बाद क्यूबा में सत्ता परिवर्तन उनका अगला लक्ष्य है. उन्होंने कहा,
“मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री) जबरदस्त काम कर रहे हैं और आपका अगला फोकस क्या होगा, क्यूबा? है ना. हम ये सब कुछ एक साथ कर सकते हैं. लेकिन एक साथ ढेर सारी चीजें की जाएं तो बुरे परिणाम सामने आते हैं.”

डॉनल्ड ट्रंप ने आगे कहा, 

“हम पहले ये (ईरान युद्ध) खत्म करना चाहते हैं, लेकिन बस ये वक्त की बात है. जब आप जैसे प्यारे लोग क्यूबा वापस जाएं. उम्मीद करता हूं रहने के लिए नहीं, बस घूमने के लिए. हम क्यूबा को इतना प्यारा भी नहीं बनाने वाले कि आप वहीं बस जाएं. लेकिन हां, कुछ लोग क्यूबा जाकर जरूर बसना चाहते हैं. क्यूबा हमसे डील करने को बेहद उत्सुक है.”
डॉनल्ड ट्रंप पिछले कुछ महीनों से क्यूबा पर हमलावर हैं. जनवरी में वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि क्यूबा के लिए वेनेजुएला से तेल और पैसे की आमद अब बंद हो जाएगी. इसके जवाब में क्यूबा के राष्ट्रपति मगेल डियाज कनेल ने कहा, “कोई हमें यह नहीं बताएगा कि हम क्या करें.”

3 जनवरी को वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद से ट्रंप की नजर जिन देशों पर हैं, उनमें क्यूबा भी शामिल है. बताया जाता है कि क्यूबा का पुराना दोस्त वेनेजुएला हर दिन क्यूबा को करीब 35 हजार बैरल तेल भेजता था.

क्यूबा के साथ दुश्मनी का पुराना इतिहास

साल 1959 में कम्युनिस्ट फिदेल कास्त्रो ने चे ग्वेरा के साथ मिलकर क्यूबा में अमेरिका समर्थित सरकार को उखाड़ फेंका था. इसके बाद से अमेरिका और क्यूबा के संबंध तनाव से भरे रहे हैं. हालांकि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए थे.
लेकिन ट्रंप प्रशासन ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की कई नीतियों को पलट दिया है. अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने के तुरंत बाद ट्रंप ने क्यूबा को आतंकवाद को स्पॉन्सर करने वाला देश बताया था. 

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