बिहार की सियासत में बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलें हैं. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नीतीश सीएम की कुर्सी छोड़ दिल्ली का रुख कर सकते हैं. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं? अगर जा रहे हैं, तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
2005 में नीतीश कुमार ने पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी. 2014 तक वे लगातार सीएम की कुर्सी पर जमे रहे. 2014 में उन्होंने जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनवाया. हालांकि, वे ज्यादा समय तक सीएम नहीं रहे और 2015 में नीतीश की मुख्यमंत्री पद पर वापसी हुई. तब से नीतीश लगातार सीएम बने हुए हैं.
इस लिहाज से नीतीश बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं. नीतीश के राज्यसभा जाने के दावों पर एडिटर पंकज झा ने बताया,
“जब पिछले साल बिहार विधानसभा के चुनाव के नतीजे आए थे, तभी ये तय हो गया था कि नीतीश कुमार का एक एग्जिट प्लान तैयार होगा. नीतीश कुमार के मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए ही अब जाकर ये तय हुआ है कि ये बेहतर समय है कि जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दें और वे दिल्ली चले आएं. ये एक प्लान बना है और इस पर एक तरीके से JDU और BJP के बीच आम सहमति बन चुकी है.”
पहले अटकलें थीं कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है. इस पर पंकज झा बताते हैं कि नीतीश राज्यसभा गए, तो बिहार में उनके बाद JDU में कौन होगा? इस खालीपन को निशांत कुमार के जरिए भरा जा सकता है. उन्होंने बताया,
“निशांत कुमार को हो सकता है कि उपमुख्यमंत्री बनाया जाए, या फिर बिहार सरकार में मंत्री बना दिया जाए. निशांत राष्ट्रीय राजनीति में एक्सपोज ना हों, इसीलिए उनके राज्यसभा जाने के बदले उनको बिहार में ही रखने का फैसला JDU के बड़े नेताओं के बीच आम सहमति से तय हो चुका है. BJP का भी दबाव था और पिछली बार 2020 में जब JDU की कम सीटें थीं, तब भी नीतीश कुमार को सीएम बनाया गया था. तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि नीतीश कुमार ने ये ऑफर दिया था कि उनकी जगह BJP से किसी को सीएम बनाया जाए.”
अब रही बात कि बिहार का अगला सीएम कौन होगा? पंकजा झा बताते हैं कि इसमें भी नीतीश कुमार की पसंद का ख्याल रखा जाएगा. 1 मार्च को नीतीश कुमार ने 75 साल पूरे किए थे. इंडिया टुडे के इनपुट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि नीतीश 5 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन कर सकते हैं. 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने तक वे बिहार के मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं. 16 मार्च के बाद उनके इस्तीफा देने का अनुमान है. अगर नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बने, तो मुख्यमंत्री पद खाली हो जाएगा.
उन्होंने केंद्र सरकार में कोई बड़ी भूमिका कबूल की, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यमंत्री पद के लिए अपना दावा ठोक सकती है. 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में BJP सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी थी. संख्याबल के लिहाज से BJP की मजबूत स्थिति है.
मौजूदा बिहार विधानसभा में BJP के 89 विधायक हैं. दूसरे नंबर पर नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 85 विधायक हैं. राज्य सरकार में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP RV) समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) जैसे राजनीतिक दलों का भी अहम योगदान है.
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