अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हुए, एक का तो वीडियो भी आ गया, कुवैत ने दी जानकारी

कुवैत में एक कथित अमेरिकी F-15 फाइटर जेट लड़खड़ाता हुआ जमीन पर आ गिरा. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. प्लेन क्रैश में फाइटर पायलट की जान बच गई. वो समय रहते प्लेन से इजेक्ट होकर पैराशूट के जरिए सकुशल जमीन पर उतर गया. अमेरिकी जंगी विमान ऐसे समय पर गिरा, जब अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ सैन्य संघर्ष चरम पर है. कुवैत ने भी कबूल किया कि अमेरिका के कई एयरक्राफ्ट गिरे हैं.

फिलहाल, फाइटर जेट क्रैश होने की वजह साफ नहीं हो पाई है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्ट्स से पता चला कि शायद ये जेट अमेरिकी डिफेंस सिस्टम Patriot का शिकार हुआ है. यानी ये फ्रेंडली फायर की घटना हो सकती है. आशंका है कि पैट्रियट एयर डिफेंस की बैटरी ने गलती से F-15 को खतरा मानते हुए उस पर अटैक कर दिया.

Patriot एक अमेरिकी डिफेंस बैटरी सिस्टम है, जो जमीन से मिसाइल (SAM) दागने के सबसे एडवांस सिस्टम में से एक है. इसका मोबाइल इंटरसेप्टर बैलिस्टिक मिसाइल या दुश्मन के जेट जैसे खतरों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है.

कुवैत आर्मी ने माना है कि ईरान से जंग के बीच कई अमेरिकी एयरक्राफ्ट क्रैश हुए हैं. कुवैत आर्मी ने X पर लिखा,

“रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आज सुबह (2 मार्च) कई US मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश हो गए, और उनके क्रू के पूरी तरह सुरक्षित होने की पुष्टि की गई.”

अमेरिकी मीडिया संस्था CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत के अली अल सालेम एयरबेस के 10 किलोमीटर के दायरे में ही जेट गिरा. कुवैत में यह अमेरिकी सेना का एक अहम बेस है. रिपोर्ट के मुताबिक, वायरल फुटेज में यह एक ट्विन-इंजन एयरक्राफ्ट लग रहा है, जो F-15E या F/A-18 फाइटर जेट हो सकता है.

अभी पता नहीं चला कि ये कौन सी एयर फोर्स चला रही थी, क्योंकि कुवैत भी F/A-18 उड़ाता है. इस मामले में अमेरिका की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने F-15 जेट बताते हुए प्लेन क्रैश का वीडियो चलाया.

कुवैत इंटीग्रेटेड पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज कंपनी (KIPIC) ने कहा कि सोमवार, 2 मार्च को मीना अल अहमदी रिफाइनरी के अंदर एयरक्राफ्ट का मलबा गिर गया, जिससे दो वर्कर घायल हो गए. घटना के बाद इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया.
Patriot जैसे एयर डिफेंस सिस्टम टारगेट को ‘मारने’ के लिए मिसाइल लॉन्च करने से पहले ‘दोस्त’ या ‘दुश्मन’ की पहचान करने के लिए एडवांस्ड रडार और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन पर निर्भर करते हैं. फ्रेंडली फायर से फजीहत तो होती है, लेकिन ये कोई नई बात नहीं है. खासकर लड़ाई के ऐसे सीरियस मोड पर, जब सेंसर सबसे ज्यादा अलर्ट पर होते हैं, तो ऐसी गलती होने के चांस बढ़ जाते हैं.

2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत भी फ्रेंडली फायर का शिकार हुआ था. पाकिस्तान के साथ चल रही हवाई लड़ाई के कारण तब इंडियन एयर फोर्स (IAF) हाई अलर्ट पर थी. एयर फोर्स की एक एयर बैटरी ने जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक Mi-17 हेलीकॉप्टर को गलती से ‘दुश्मन’ समझकर हमला कर दिया, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी.

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