भारत से हार के बाद PAK सेना प्रमुख को लगा सदमा, नकवी की शिकायत लेकर PM शहबाज के पास पहुंचे मुनीर

टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को कोलंबो में खेले गए मुकाबले में करारी शिकस्त दी. इस हार का असर मैदान से ज्यादा पाकिस्तान के अंदरूनी माहौल पर देखने को मिल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हार के बाद पाकिस्तान में सियासी और सैन्य हलकों में हलचल तेज हो गई है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर इस हार से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि उन्होंने इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से शिकायत की है. उनका मानना है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड टीम की सही तैयारी नहीं कर पाया और प्रबंधन में गंभीर कमी रही.

नकवी से खुश नहीं हैं मुनीर

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि आर्मी चीफ पहले से ही पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से खुश नहीं थे. भारत से मिली हार ने उनकी नाराजगी को और बढ़ा दिया है. उनका कहना है कि टीम की तैयारी कमजोर थी और बोर्ड की तरफ से अनावश्यक बयानबाजी की गई.
दरअसल, विवाद की शुरुआत उस समय हुई थी जब टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार को लेकर बयानबाजी हो रही थी. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जो मूल रूप से पाकिस्तान सुपर लीग से जुड़ी थी, मोहसिन नकवी से भारत और आईसीसी की संभावित कार्रवाई पर सवाल पूछा गया. जवाब में नकवी ने आर्मी चीफ का नाम लेते हुए कहा था कि न तो वे भारत या आईसीसी की धमकियों से डरते हैं और न ही सरकार, और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर डरते हैं.
बताया जा रहा है कि यह बयान सेना की अनुमति के बिना दिया गया था, जिससे स्थिति बिगड़ गई. सेना को लगा कि क्रिकेट और प्रशासनिक मुद्दों में इस तरह उनका नाम लेना ठीक नहीं था. इसे एक तरह से मर्यादा पार करना माना गया.

भारत से मिली हार के बाद बिगड़ी स्थिति

इसके बाद भारत से मिली बड़ी हार ने हालात और गंभीर बना दिए. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान के लिए भारत के खिलाफ क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का विषय भी है. ऐसे में कमजोर तैयारी और बयानबाजी के बाद मिली हार ने मामला और संवेदनशील बना दिया है.
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि अब पीसीबी अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री हालात को शांत करने और टीम में सुधार के लिए नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर विचार कर सकते हैं. हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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