आतंकी संगठनों को संरक्षण देने वाला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर एक बार फिर बेनकाब हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए आतंकी धमाके के तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए गए हैं।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। साथ ही, संगठन के प्रमुख मसूद अजहर द्वारा 8 अक्टूबर को महिलाओं की विशेष शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ के गठन की घोषणा का भी जिक्र किया गया है। बताया गया है कि इस शाखा का उद्देश्य आतंकी गतिविधियों में सहयोग और समर्थन प्रदान करना है।
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट को भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान लंबे समय से अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी संगठनों के अस्तित्व से इनकार करता रहा है।
पाकिस्तान ने UN रिपोर्ट पर जताई आपत्ति
दिल्ली स्थित लाल किले के पास हुए आतंकी धमाके की संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है। दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान एक मात्र राष्ट्र था, जिसने विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने रिपोर्ट पर निराशा जाहिर करते हुए यहां तक कहा कि यह संगठन निष्क्रिय हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ अन्य देशों ने भारत के पक्ष का समर्थन किया और रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का उल्लेख बना रहा।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पर भी झटका
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के मामले में भी निराशा हाथ लगी। दरअसल, पाकिस्तान BLA को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जोड़कर और इस तरह अल-कायदा या ISIL से जोड़कर UNSC की 1267 प्रतिबंध सूची में शामिल करना चाहता था, लेकिन उसकी इस बात को नहीं माना गया। UN रिपोर्ट में बताया गया है कि BLA ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) में घात लगाकर हमला किया था। इसमें 32 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।
रिपोर्ट में यह भी साफ तौर पर उल्लेख है कि कुछ देशों का मानना है कि BLA और अल-कायदा या ISIL के बीच किसी तरह का कोई संबंध नहीं है और ना ही ऐसा कोई रिश्ता बढ़ रहा है।
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