48 साल बाद महंगा होने जा रहा है जापान का वीजा, भारतीयों के लिए बदल रहे हैं नियम

अगर आप भी साल 2026 में जापान की जगमगाती सड़कों, शानदार बुलेट ट्रेन और वहां के खूबसूरत मंदिरों को देखने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. जापान जाना अब पहले जैसा नहीं रहेगा. करीब 48 सालों के लंबे इंतजार के बाद जापान सरकार ने अपने वीजा नियमों और फीस में बड़ा बदलाव करने का मन बना लिया है. इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है. आइए समझते हैं कि अगर आप भारत से जापान जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा.

जापान ने आखिरी बार साल 1978 में अपनी वीजा फीस बदली थी. लेकिन अब रिकॉर्ड तोड़ पर्यटकों की भीड़ और कामकाज के बढ़ते खर्च को देखते हुए फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है. रिपोर्ट्स की मानें तो जापान अब विकसित देशों (G7 और OECD) के बराबर अपनी वीजा फीस रखेगा. वर्तमान में भारतीयों के लिए वीजा फीस करीब ₹500 है और वीएफएस (VFS) सर्विस चार्ज ₹800 के आसपास है. लेकिन 2026 से यह खर्च काफी बढ़ सकता है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि फीस बढ़ने से पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी.

भारतीयों के पास क्या हैं विकल्प?

जापान जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए इस समय दो तरह के वीजा विकल्प मौजूद हैं. पहला है पारंपरिक स्टिकर वीजा, जिसमें पासपोर्ट पर वीजा लगाया जाता है और इसके लिए VFS Global के जरिए आवेदन करना होता है. दूसरा विकल्प है ई-वीज़ा (डिजिटल वीजा), जो हाल के समय में शुरू किया गया है और इसमें पासपोर्ट पर स्टिकर की जरूरत नहीं पड़ती. ऑनलाइन प्रक्रिया आसान होने की वजह से यह विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

कौन बनवा सकता है जापान का टूरिस्ट वीजा?

अगर आप जापान घूमने का मन बना रहे हैं, तो कुछ बुनियादी शर्तों को पूरा करना जरूरी है. आपके पास वैध साधारण भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए और यात्रा का मकसद केवल पर्यटन होना चाहिए. क्योंकि, जापान में रहते हुए किसी भी तरह का सशुल्क काम करने की अनुमति नहीं होती. इसलिए यात्रा हवाई मार्ग से करनी होती है और ठहरने की अधिकतम अवधि 90 दिनों तक सीमित रहती है.
वीजा आवेदन के दौरान कुछ अहम कागजात तैयार रखना जरूरी है. इसमें वैध पासपोर्ट, हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो, यात्रा का उद्देश्य बताने वाला कवर लेटर, आने-जाने की कन्फर्म फ्लाइट टिकट, होटल या ठहरने का प्रमाण और पैसों की स्थिति दिखाने वाले दस्तावेज शामिल हैं. आम तौर पर दो साल का इनकम टैक्स रिटर्न या पिछले छह महीने की सैलरी स्लिप मांगी जाती है, ताकि यह साफ हो सके कि आप अपनी यात्रा का खर्च उठा सकते हैं.

आवेदन का तरीका और समय

भारत में रहने वाले लोगों को VFS Global के जरिए ही अप्लाई करना होगा. चेन्नई और बेंगलुरु को छोड़कर बाकी शहरों में आपको पहले से अपॉइंटमेंट लेने की जरूरत नहीं है. आवेदन जमा करने के बाद आमतौर पर 5 दिनों के भीतर वीजा मिल जाता है. कभी-कभी तो यह काम 48 घंटों में भी हो जाता है.

ई-वीजा मिला है तो यह बात याद रखें

अगर आपको जापान का ई-वीजा मिला है, तो एयरपोर्ट पर उसका स्क्रीनशॉट या पीडीएफ मान्य नहीं होता. आपको चेक-इन और इमिग्रेशन के समय आधिकारिक पोर्टल पर लॉग इन करके लाइव डिजिटल वीजा दिखाना होता है. इसमें एक बारकोड और वैधता से जुड़ा काउंटडाउन टाइमर होता है, जिससे आपकी पहचान और वीजा की स्थिति की पुष्टि की जाती है. कुल मिलाकर, जापान की यात्रा आने वाले समय में थोड़ी महंगी जरूर हो सकती है, लेकिन सही जानकारी और समय पर तैयारी के साथ आप बिना किसी परेशानी के अपने सपनों की इस ट्रिप को यादगार बना सकते हैं.

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