I-PAC के दफ्तर पर क्यों पड़ा छापा, CM ममता के हंगामे के बाद ED ने बताई वजह

कोलकाता में I-PAC के ऑफिस और इसके मुख्य प्रतीक जैन के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को लेकर हंगामा मचा हुआ है. अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बयान जारी कर बताया कि ये कार्रवाई कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन की जांच के लिए की गई है. ईडी का कहना है कि जांच में पता चला है कि कोयला तस्करी से प्राप्त अपराध की आय को हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से लेयरिंग किया गया और करोड़ों रुपये की राशि IPAC को ट्रांसफर की गई.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत राजनीतिक रणनीति फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (IPAC) के कोलकाता कार्यालय और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की.

हवाला का ‘नेक्सस’

IPAC के ठिकानों पर छापेमारी कर गुरुवार को ईडी ने बयान जारी कर जांच में ये सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आई-पैक उन संस्थाओं में से एक है, जिनका संबंध हवाला के पैसों से है. जांच के अनुसार, कोयला तस्करी घोटाले की अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनीज को बेचा गया था.
एजेंसी का दावा है कि इस तस्करी से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने अपराध की कमाई को ठिकाने लगाने के लिए आई-पैक को करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए थे. कई व्यक्तियों के बयानों और सबूतों ने इस हवाला नेटवर्क की पुष्टि की है.

ईडी का आरोप है कि आईपीएसी को करोड़ों रुपये का हवाला हस्तांतरण किया गया था और इसी मामले में 8 जनवरी को पीएमएलए के तहत की गई छापेमारी के दौरान कोयला तस्करी से प्राप्त धन और हवाला हस्तांतरण से जुड़े व्यक्तियों का पता चला है. 

ममता का हाई वोल्टेज ड्रामा

वहीं, छापेमारी की खबर मिलते ही बंगाल की राजनीति में खलबली मच गई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सबसे पहले आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंचीं. वहां पहले से ही कोलकाता पुलिस कमिश्नर मौजूद थे.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ये छापेमारी गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर की जा रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास करोड़ों की संपत्ति है, लेकिन एजेंसियां उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करतीं, बल्कि टीएमसी की चुनावी रणनीति जानने के लिए यह ड्रामा किया जा रहा है.
प्रतीक जैन के घर से बाहर निकलते वक्त ममता बनर्जी के हाथ में एक ग्रीन फाइल देखी गई, जिसने सबको हैरान कर दिया. इसके बाद वह सीधे आई-पैक के साल्ट लेक स्थित दफ्तर पहुंचीं, जहां वह पिछले दरवाजे से अंदर दाखिल हुईं. उनके जाने के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारी कुछ फाइलें लेकर बाहर निकले और उन्हें मुख्यमंत्री की गाड़ी में रखा गया. अब ये बड़ा सवाल बन गया है कि क्या ये फाइलें ईडी की जांच का हिस्सा थीं और इनमें क्या राज छिपा है.

रणनीति चुराने का आरोप

ममता बनर्जी ने दावा किया कि ईडी की फॉरेंसिक टीम ने आई-पैक के कंप्यूटर से डेटा ट्रांसफर किया है और उनके वित्तीय व राजनीतिक दस्तावेज ले गई है.
उनका कहना है कि ये रेड सिर्फ भ्रष्टाचार की जांच नहीं, बल्कि टीएमसी के उम्मीदवारों की लिस्ट और स्लोगन जैसी गोपनीय जानकारियों को चुराने की साजिश है.

सुवेंदु अधिकारी ने साधा निशाना

दूसरी ओर, विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की मौजूदगी को केंद्रीय एजेंसी के काम में हस्तक्षेप बताया और कानूनी कार्रवाई की मांग की. ED सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान बाधा डाली गई और कुछ दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाए गए, जिस पर वे हाईकोर्ट जा सकते हैं.
आपको बता दें कि IPAC जो पहले प्रशांत किशोर से जुड़ी थी, अब प्रतीक जैन के नेतृत्व में है. जैन आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. फर्म ने 2019, 2021 और अन्य चुनावों में TMC की रणनीति, नारे और उम्मीदवार चयन में अहम योगदान दिया है.

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