ITC Share Fall: सरकार के फैसले से डूबे LIC के पैसे… 2 दिन में 11000 करोड़ रुपये का नुकसान!

केंद्र सरकार ने सिगरेट पर एक्‍साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है, जो फरवरी 2026 से लागू जो जाएगा. यह ड्यूटी सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्‍ट्स पर लगे 40% GST के ऊपर है. सरकार के इस फैसले के बाद से सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट हुई है. गॉडफ्रे फिलिप्‍स और ITC लिमिटेड के शेयर दो दिनों में 20 फीसदी से ज्‍यादा तक गिर चुके हैं. 

गुरुवार को आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में 10 फीसदी की गिरावट आई थी और आज यानी शुक्रवार को यह 4 फीसदी टूटकर 349 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है. इस बड़ी गिरावट के कारण निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. ITC लिमिटेड में LIC का भी बड़ा निवेश है, जिस कारण दो दिन में इसे तगड़ा नुसान हुआ है. 

LIC के 11000 करोड़ रुपये डूबे 

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 30 सितंबर तक आईटीसी लिमिटेड में 15.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो दूसरा सबसे बड़ा स्‍टेकहोल्‍डर है. इस हिसाब से देखा जाए तो 2 दिनों के दौरान LIC की वेल्‍थ में भारी गिरावट आई है और यह लगभग 11,000 करोड़ रुपये है. 

बुधवार को ITC में एलआईसी की हिस्सेदारी घटकर 80,079.84 करोड़ रुपये से 69,498.57 करोड़ रुपये रह गई, यानी दो दिनों में 10,581 करोड़ रुपये की गिरावट आई. LIC ने कम से कम 2017 से आईटीसी में अपनी हिस्सेदारी 15-16 प्रतिशत के दायरे में रखी हुई है.

आईटीसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन भी घटकर 4,55,991 करोड़ रुपये हो चुका है. इस शेयर ने आज भी अपना निचला स्‍तर टच किया है, जो 345.25 रुपये प्रति शेयर है. आईटीसी के शेयरों का 52 सप्‍ताह का हाई लेवल 471.50 रुपये प्रति शेयर है. 

किसके-किसके पास आईटीसी के शेयर?

Tabacco Manufactiuers (इंडिया) के पास आईटीसी में 17.79 प्रतिशत हिस्सेदारी है और यह FMCG कंपनी में सबसे बड़ा शेयरधारक है. अन्य प्रमुख शेयरधारकों में SBI म्यूचुअल फंड 3.26 प्रतिशत, ICICI  प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड 2.28 प्रतिशत, जीक्यूजी पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड 2.10 प्रतिशत और जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया 1.73 प्रतिशत शामिल हैं.  
एमके ग्लोबल ने कहा कि अगर ये दरें लागू होती हैं, तो आईटीसी के लिए निगेटिव होगा. इसकी इनकम प्रभावित हो सकती है. उत्‍पाद में गिरावट आ सकती है और उत्‍पाद मिश्रण में गिरावट आ सकती है. ब्रोकरेज ने आईटीसी की रेटिंग को ‘ऐड’ से घटाकर ‘रिड्यूस’ कर दिया है. ब्रोकरेज फर्म ने टैक्‍स बढ़ोतरी के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अपने आय अनुमानों में कटौती करने के बाद दिसंबर 2026 के अनुमान के लिए 350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. जबकि सितंबर 2026 तक 475 रुपये का अनुमान दिया था. 
(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज के अपने विचार हैं. The news light इसकी जिम्‍मेदारी नहीं लेता है. किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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