उमर का नेटवर्क अल फलाह से आगे तक… ‘, दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों को दिया गया बड़ा आदेश

राजधानी दिल्ली में लाल किला के बाहर हुए ब्लास्ट को लगभग तीन हफ्ते बीत चुके हैं. जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच तेज कर दी है. यहां तीन आरोपी काम करते थे. जांच टीम ने अब तक करीब 48 कर्मचारियों से पूछताछ की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी की धमाके से पहले क्या गतिविधियां थीं और उसने किन-किन लोगों से बात की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार, 26 नवंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने वाले एक वार्ड बॉय शोयब को गिरफ्तार किया. उस पर आरोप है कि उसने हमले से पहले उमर को जरूरी मदद और सामान उपलब्ध कराए थे.
इसके साथ ही, जांच का दायरा कैंपस से बाहर भी बढ़ गया है. सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे उन डॉक्टरों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं, जिन्होंने बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), चीन या पाकिस्तान से MBBS की डिग्री हासिल की है और अभी शहर में प्रैक्टिस कर रहे हैं.

एक अधिकारी ने कहा, 

हमें शक है कि उमर का नेटवर्क अल फलाह से आगे तक फैला हुआ है.

सूत्रों के मुताबिक, जांच को बड़ी सफलता तब मिली जब उमर का मोबाइल फोन पुलवामा के एक नाले से बरामद हुआ. अधिकारियों ने बताया कि इस फोन से जांच टीम को यूनिवर्सिटी के उन लोगों के बारे में अहम जानकारी मिली है, जिनसे उमर संपर्क में था. इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को भी अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड मिल गए हैं. एक अधिकारी ने कहा, “रिकॉर्ड के आधार पर, एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों को तलब किया है.”

जांच अधिकारी कैंपस से मिले CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं और कर्मचारियों से पूछताछ आने वाले हफ्तों तक जारी रहेगी. कुछ कर्मचारियों से कैंपस में, कुछ से घर जाकर और कुछ को एजेंसी दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई. फिलहाल, अधिकारियों ने लड़कों के हॉस्टल की बिल्डिंग नंबर 17 के दो कमरे सील कर दिए हैं, जहां उमर और गनई रहते थे. उनके किराए के कमरे से सैकड़ों किलो विस्फोटक बनाने वाली सामग्री भी बरामद हुई थी.

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