फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम इलाके मोंट-डे-मार्सां एयरबेस पर भारत और फ्रांस की वायुसेना का संयुक्त अभ्यास ‘गरुड़ 25’ जोर-शोर से चल रहा है. यह दोनों देशों के बीच 8वां गरुड़ अभ्यास है. सोमवार दोपहर भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया पर पहली तस्वीरें शेयर कीं. उनमें भारत का शक्तिशाली Su-30MKI और फ्रांस का सबसे एडवांस्ड राफेल एक साथ आसमान में उड़ते दिख रहे हैं.
कब पहुंचा भारतीय दल?
10 नवंबर को भारतीय वायुसेना का दल फ्रांस पहुंचा. साथ ले गए…
• Su-30MKI लड़ाकू विमान
• IL-78 हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर (लंबी उड़ान के लिए)
• C-17 ग्लोबमास्टर III बड़ा परिवहन विमान (सैनिक और सामान लाने-ले जाने के लिए)
अभ्यास में क्या हो रहा है?
भारतीय पायलट Su-30MKI उड़ा रहे हैं, फ्रांसीसी पायलट राफेल उड़ा रहे हैं. दोनों मिलकर कर रहे हैं…
• हवा में लड़ाई का अभ्यास
• हवाई रक्षा का अभ्यास
• साथ मिलकर हमला करने का अभ्यास
ये सब असली युद्ध जैसे हालात में हो रहा है ताकि दोनों सेनाएं एक-दूसरे से सीखें और भविष्य में बेहतर तालमेल से लड़ सकें. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास दोनों वायुसेनाओं के बीच दोस्ती, ज्ञान का आदान-प्रदान और लड़ाई की क्षमता को बढ़ाता है.
Su-30MKI कितना खास है?
• रूस के सुखोई और भारत के HAL ने मिलकर बनाया है.
• दो पायलट बैठते हैं, हर तरह का मिशन कर सकता है.
• ध्वनि से दोगुनी तेज उड़ता है (मैक 2 स्पीड).
• बिना रिफ्यूलिंग 3000 किमी, रिफ्यूलिंग के साथ 8000 किमी तक जा सकता है.
भारतीय वायुसेना की मुख्य ताकत
HAL अब और 72 नए Su-30MKI बनाने की तैयारी कर रहा है ताकि हमारी वायुसेना और मजबूत हो.
भारत-फ्रांस दोस्ती का नया अध्याय
भारत के पास पहले से 36 राफेल जेट हैं. अब जब हमारे Su-30MKI और फ्रांस के राफेल एक साथ उड़ रहे हैं, तो यह साफ दिखाता है कि दोनों देशों का रक्षा सहयोग कितना गहरा हो गया है. अभ्यास अभी कई दिन चलेगा. आसमान में जब ये दोनों शेर एक साथ दहाड़ते हैं, तो दुनिया देख रही है – भारत की वायुसेना कितनी तैयार और कितनी ताकतवर है.
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