दिल्ली में दिसंबर तक खुलेंगे 187 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का ऐलान

दिल्ली में लोगों को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए अगले माह दिल्ली सरकार द्वारा 187 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए जाएंगे। इसके बाद आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या 168 से बढ़कर 355 हो जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में लोगों को घर के पास स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ऐतिहासिक पहल जारी है।

इसके तहत पूरी दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य दिल्लीवासियों को उनके घर के निकट प्राथमिक और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार अब अपने स्वास्थ्य केंद्र किराये के स्थलों पर नहीं चलाएगी, क्योंकि सरकार के पास आरोग्य मंदिरों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में 168 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। अगले माह 187 नए केंद्रों का उद्घाटन प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इन आरोग्य मंदिरों की स्थापना आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत की जा रही है। इसके अंतर्गत उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत कर एक समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती मोहल्ला क्लीनिकों में सीमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध थीं।

ओपीडी और जांच के साथ मुफ्त दवाइयां मिल रहीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केंद्रों में ओपीडी सेवा, प्रयोगशाला जांच, मुफ्त दवाइयां भी मिल रही हैं। गर्भावस्था और प्रसवकालीन देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर ढंग से संचालित हो रही हैं। संचारी रोगों का प्रबंधन, असंचारी रोगों की स्क्रीनिंग व नियंत्रण, नेत्र एवं ईएनटी देखभाल, वृद्धों की देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य रोगों की प्रारंभिक जांच व उपचार तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं।

दिल्ली का नया स्वास्थ्य मॉडल

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स (आईपीएचएस) के अनुरूप बुनियादी ढांचा, मानव संसाधन, दवाइयां, जांच सुविधाएं, उपकरण और सुशासन प्रणाली लागू की है। इन केंद्रों के संचालन से पहले यह सुनिश्चित किया गया है कि स्वस्थ्य व्यवस्था पहले से बेहतर बनें।

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