4 नवंबर से फॉर्म, 7 फरवरी 2026 को फाइनल लिस्ट… देश के 12 राज्यों में ऐसे पूरा होगा SIR 2.0

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को SIR के दूसरे फेज की घोषणा की. उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण का कार्यक्रम तय कर लिया गया है. इस प्रक्रिया के तहत देशभर में करीब 51 करोड़ मतदाताओं के नाम, पते और विवरण का सत्यापन किया जाएगा. इस चरण में 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल होंगे- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, गोवा, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप.

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, SIR की शुरुआत 4 नवंबर से होगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) प्रकाशित की जाएगी. इस दौरान कई चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

देखें पूरा शेड्यूल

28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक प्रिंटिंग और प्रशिक्षण होगा, जबकि 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक घर-घर गणना (House-to-House Enumeration) का काम चलेगा. इसके बाद 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी. 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया चलेगी, और 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सुनवाई और सत्यापन का दौर जारी रहेगा.

तीन बार घर जाएंगे BLO

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस अभियान में 5.33 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) और 7.64 लाख राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट (BLAs) शामिल होंगे. BLO हर घर कम से कम तीन बार दौरा करेंगे, ताकि नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा सके और त्रुटियां सुधारी जा सकें. वे घर-घर जाकर Form-6 और Declaration Form एकत्र करेंगे, नए वोटरों को फॉर्म भरने में मदद करेंगे और फिर इन दस्तावेजों को ERO (Electoral Registration Officer) या AERO (Assistant Electoral Registration Officer) को सौंपेंगे.

मतदान केंद्र पर नहीं होंगे 1200 से ज्यादा वोटर

ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा कि आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी मतदान केंद्र में 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे, ताकि प्रक्रिया सुचारू और सुलभ बनी रहे. उन्होंने बताया कि आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक कर SIR प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमारों और कमजोर वर्गों को फॉर्म भरने और सत्यापन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए वॉलंटियर्स की तैनाती की जाएगी.

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बताया कि चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा चरण शुरू करने जा रहा है. यह अभियान अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चलाया जाएगा. इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. उन्होंने बताया कि असम में वोटर लिस्ट का रिवीजन अलग से घोषित किया जाएगा, क्योंकि वहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत नागरिकता सत्यापन का एक अलग कार्यक्रम पहले से चल रहा है.

दूसरे चरण में कवर होंगे 51 करोड़ वोटर्स

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘आज हम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दूसरे चरण की घोषणा कर रहे हैं. मैं बिहार के 7.5 करोड़ मतदाताओं को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने पहले चरण को सफल बनाया. आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों से बैठक कर पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की.’ उन्होंने बताया कि मतदाता गणना की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू होगी, जो करीब 51 करोड़ वोटर्स को कवर करेगी. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 9 दिसंबर को जारी की जाएगी और अंतिम वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी.
उन्होंने कहा कि SIR का पहला चरण बिहार में हुआ था, जिसमें 90,000 से ज्यादा मतदान केंद्र शामिल थे और यह बिना किसी अपील के सफलतापूर्वक पूरा हुआ. बिहार के मतदाताओं की भागीदारी शानदार रही और उसने बाकी राज्यों के लिए एक मिसाल पेश की. उन्होंने यह भी बताया कि जिन राज्यों में SIR किया जाएगा, वहां की वोटर लिस्ट आज आधी रात (12 बजे) से फ्रीज कर दी जाएगी. इसके बाद मतदाताओं को यूनिक एन्यूमरेशन फॉर्म दिए जाएंगे, जिनमें उनकी सभी डिटेल्स होंगी.

हर BLO को दी जाएगी 1000 वोटर्स की जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि SIR का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में न रहे. आयोग के मुताबिक, SIR प्रक्रिया में हर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को करीब 1000 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी जाएगी. हर विधानसभा क्षेत्र की देखरेख एक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) करेगा, जो आमतौर पर एसडीएम स्तर का अधिकारी होता है और उसे कई असिस्टेंट ERO (AERO) की मदद मिलेगी. चुनाव आयोग ने कहा कि SIR का दूसरा चरण बिहार मॉडल की सफलता को आगे बढ़ाने का प्रयास है, ताकि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में साफ-सुथरी, समावेशी और त्रुटि-मुक्त वोटर लिस्ट तैयार की जा सके.

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *