गोरखपुर दीपक गुप्ता हत्याकांड में शामिल रहीम का एनकाउंटर, गो तस्करी के आरोप में जा चुका है जेल

गोरखपुर के दीपक गुप्ता हत्याकांड में शामिल एक आरोपी का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया. उसका नाम रहीम बताया जा रहा है. घायल हालत में आरोपी रहीम को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल, इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले में अबतक कुल 4 आरोपी अरेस्ट किए जा चुके हैं. 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी रहीम एक तस्कर है. पुलिस एनकाउंटर में उसे गोली लगी है. रहीम 19 वर्षीय नीट छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड में शामिल था. पुलिस शिद्दत से उसकी तलाश में जुटी हुई थी. जैसे ही मुखबिर से सूचना मिली गोरखपुर की पिपराइच पुलिस और कुशीनगर पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया. रहीम को पकड़ने के दौरान वह मुठभेड़ में गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया. 

घायल हुआ रहीम कुशीनगर के दुर्गपट्टी इलाके का रहने वाला है. बलरामपुर बस्ती समेत कई जिलों से गो तस्करी के आरोप में रहीम पहले भी जेल जा चुका है. सोमवार रात पिपराइच थाना क्षेत्र में हुई घटना में रहीम मुख्य तौर पर शामिल था. रहीम के जरिए ही बिहार के गोपालगंज का गो तस्कर गैंग घटना में शामिल हुआ था. 

मालूम हो कि घटना में शामिल है एक अन्य आरोपी अजब हुसैन को ग्रामीणों ने पहले ही पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था. उसे भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दो अन्य आरोपी छोटू और राजू को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. अब दीपक गुप्ता हत्याकांड में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है. 

वहीं, इस पूरे मामले में गोरखपुर के एसएसपी राज करण नय्यर ने पशु तस्करों और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का पूरा ब्योरा दिया है. उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह 3 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि ग्रामीणों ने दो पिकअप वैन में सवार पशु तस्करों का पीछा किया. एक गाड़ी तो गांव में फंस गई, लेकिन दूसरी गाड़ी में बैठे तस्कर भागने लगे. 

इसी दौरान, 20 वर्षीय दीपक गुप्ता नाम के एक युवक ने भाग रही गाड़ी का पीछा किया. तस्करों ने उसे जबरन अपनी गाड़ी में खींच लिया और फिर चलती गाड़ी से धक्का दे दिया. सिर में गंभीर चोट लगने के कारण सड़क पर गिरने से दीपक की मौत हो गई. एसएसपी ने स्पष्ट किया कि गोली लगने की अफवाहें गलत हैं, क्योंकि पोस्टमार्टम में शरीर पर गोली का कोई निशान नहीं मिला. 

इस घटना के बाद, ग्रामीणों ने पकड़े गए एक तस्कर की पिटाई की, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एक पुलिसकर्मी को भी पत्थर लगा. परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 5 टीमें गठित की गई हैं. पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.  

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