बिहार में आगामी चुनावों से पहले एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. बिहार कांग्रेस ने X पर एक AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी के बीच एक काल्पनिक संवाद दिखाया गया है.
भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां पर एक निजी हमला बताया है और कांग्रेस से माफी की मांग की है. 36 सेकंड के वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी से मिलते-जुलते पात्रों को दिखाया गया है.
इस वीडियो को “AI GENERATED” मार्क कर “मां आती हैं साहब के सपनों में” कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया. वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां पर सीधा हमला करार दिया और कांग्रेस से माफी की मांग की.
कांग्रेस पर हमलावर हुई बीजेपी
भाजपा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने इसे “राजनीति का नया पतन” बताते हुए कहा- “प्रधानमंत्री ने हमेशा राजनीति और पारिवारिक जीवन को अलग रखा है. पहले कांग्रेस ने मां का अपमान किया और अब डीपफेक टेक्नोलॉजी से देश को गुमराह कर रही है.”
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि पीएम मोदी की दिवंगत मां का वीडियो जारी करके कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्तर को गिरा दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इसका सबक सिखाएगी.
ठाकुर ने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “वोटर लिस्ट बहाना है, हार तय है.” उन्होंने कांग्रेस से तमिलनाडु के मंत्री के ‘सनातन धर्म’ पर दिए गए बयान पर भी जवाब मांगा. वहीं भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने “सभी हदें पार कर दी हैं”. उन्होंने इसे “घिनौना” और “शर्मनाक” बताया.
कांग्रेस ने किया बचाव
हालांकि, कांग्रेस ने वीडियो का बचाव किया है. पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इसमें किसी के प्रति कोई अनादर नहीं है. उन्होंने कहा, “उनकी दिवंगत मां के प्रति अनादर कहाँ है? मुझे एक शब्द, एक भाव बताइए, जहां आपको अनादर दिखाई दे. वह सिर्फ़ अपने बच्चे को शिक्षा दे रही हैं और अगर बच्चे को लगता है कि यह उनके प्रति अनादर है, तो यह उनका सिरदर्द है, मेरा नहीं, आपका नहीं.”
खेड़ा ने आगे कहा, “मोदी जी ‘छूओ मत’ की राजनीति नहीं कर सकते. वह राजनीति में हैं, और उन्हें हर चीज़ को, यहां तक कि विपक्ष के हास्य-बोध को भी, ठीक से लेना चाहिए. दरअसल, इसमें कोई हास्य नहीं है, इसमें नसीहत है.”
पहले भी हुआ था विवाद
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां का नाम राजनीतिक विवाद में खींचा गया हो. अगस्त में दरभंगा में कांग्रेस-राजद की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के मंच से भी कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगे थे. तब पीएम मोदी ने इसे “अकल्पनीय” और “देश की सभी माताओं-बहनों का अपमान” बताया था.
घटना के बाद एनडीए महिला मोर्चा ने बिहार में पांच घंटे का बंद बुलाया था और कांग्रेस-राजद से माफी की मांग की थी.
कांग्रेस की पोस्ट
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “उनकी दिवंगत मां के प्रति अनादर कहां है? मुझे एक शब्द, एक भाव बताइए, जहाँ आपको अनादर दिखाई दे. वह सिर्फ़ अपने बच्चे को शिक्षा दे रही हैं और अगर बच्चे को लगता है कि यह उनके प्रति अनादर है, तो यह उनका सिरदर्द है, मेरा नहीं.”
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘राजनीति का स्तर कितना हल्का हो सकता है यह राजद और कांग्रेस ने बता दिया. प्रधानमंत्री की मां का स्वर्गवास हो चुका है. मां को गाली देने वालों का रिश्ता राजद और कांग्रेस से ही हो सकता है. बिहार की धरती को गणतंत्र भी यही से मिला था और कांग्रेस की इमरजेंसी की ख़िलाफ़ भी आवाज़ यही से उठी थी. जनता इसका जवाब देगी.’
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