महानआर्यमन सिंधिया के बाद जीडीसीए की नई कार्यकारिणी पर निगाहें, रिपुदमन और संग्राम कदम सचिव की दौड़ में आगे

ग्वालियर। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) में महानआर्यमन सिंधिया के निर्विरोध अध्यक्ष बनने के बाद अब ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (जीडीसीए) की नई कार्यकारिणी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जीडीसीए की चुनावी साधारण सभा (एजीएम) इसी महीने प्रस्तावित है। संभावना जताई जा रही है कि निर्विरोध निर्वाचित एमपीसीए के अध्यक्ष महानआर्यमन विदेश दौरे से लौटने के बाद विशेष बैठक कर नये पदाधिकारियों को जीडीसीए सौपेंगे।

सचिव पद पर रिपुदमन का नाम सबसे आगे

क्रिकेट गलियारों में सबसे बड़ा सवाल सचिव पद को लेकर है। महानआर्यमन सिंधिया की कार्यशैली युवाओं को आगे लाने की रही है, जैसा उन्होंने मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) में दिखाया था, इसलिए सचिव पद की कमान भी किसी युवा को मिलने की पूरी संभावना है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे रिपुदमन सिंह तोमर ‘सागर’ का नाम इस दौड़ में सबसे आगे है।

रिपुदमन एमपीएल में भी महानआर्यमन के करीबी रहे हैं। रिपुदमन ने जून की भीषण गर्मी में एमपीएल के पहले सीजन में आम हो या खास सबको खूब पानी पिलाकर सेवा की थी। दूसरे सीजन के फाइनल में बस से भरकर दूर-दूर से दर्शक दीर्घा हाउसफूल कर दी थी। ये ही सेवा भाव रिपुदमन को सचिव बनने की मजबूत राह बना रहा है।

अध्यक्ष पद पर संग्राम का नाम मजबूत

जीडीसीए के अध्यक्ष पद पर संग्राम कदम के नाम पर सहमति बनती दिख रही है। कदम पहले जीवाजी क्लब के अध्यक्ष, एमपीसीए के एग्जीक्यूटिव मेंबर और 2009-19 की जीडीसीए कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में उनके पास कोई प्रमुख पद नहीं है, ऐसे में अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ माना जा रहा है। संग्राम भी करीब तीन महीने से महल आना-जाना कई बार हो रहा है।

गैर-क्रिकेटर सचिव बनने की परंपरा आगे बढ़ेगी

यदि रिपुदमन सचिव बनते हैं, तो वह पीके कदम के बाद गैर-क्रिकेटर सचिव होंगे। अभी ग्वालियर डिवीजन की सीनियर टीम के चेयरमैन और अपने समय के अच्छे क्रिकेटरों में शुमार संजय आहूजा सचिव है। आहूजा को साल 2021 में दायित्व मिला था। एमपीएल के सीइओ रवि पाटनकर इससे पहले साल 2009-19 तक सचिव का कार्यभार संभाला था और उनका कार्यकाल जीडीसीए के इतिहास में सबसे लंबा रहा।
नई कार्यकारिणी में शहर के दो व्यापारी बेटों समेत तीन क्रिकेटर नये सदस्यों के जुड़ने की संभावना है। इसके बाद जीडीसीए की कुल सदस्य संख्या 77 से बढ़कर 82 हो जाएगी।

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