अन्नामलाई मेडल पहनाने आगे आए, DMK मंत्री के बेटे ने साफ इनकार किया, खुद ही मेडल खींच लिया

तमिलनाडु में सियासी विरोध का अलग ही नजारा दिख जाता है. 15 दिन पहले एक यूनिवर्सिटी में डीएमके नेता की पत्नी ने राज्यपाल एन रवि के हाथ से पीएचडी की डिग्री लेने से इनकार कर दिया था. अब स्टालिन सरकार के एक मंत्री के बेटे ने मुख्य अतिथि भाजपा नेता के हाथ से मेडल लेने से इनकार कर दिया. इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई बार-बार कोशिश कर रहे हैं कि वह अपने हाथ से विजेता युवक को मेडल पहना दें. लेकिन डीएमके नेता के निशानेबाज बेटे ने ऐसा होने नहीं दिया. उसने अन्नामलाई के हाथों मेडल नहीं पहना और अपने हाथ में ले लिया.

ये मौका तमिलनाडु में 51वें राज्य निशानेबाजी खेलों के लिए पदक बांटने का था. भाजपा नेता के अन्नामलाई इस समारोह में मुख्य अतिथि थे और विजेताओं को पदक बांट रहे थे. इसी दौरान उनके सामने प्रदेश के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा के बेटे सूर्या राजा बालू आ गए. उनके साथ दो और निशानेबाज थे, जिन्हें मेडल दिया जाना था. अन्नामलाई ने बाकी दोनों को अपने हाथ से गले में मेडल पहनाया, लेकिन जैसे ही वह सूर्या राजा बालू तो मेडल पहनाने लगे, वह पीछे हट गए. 
वीडियो में दिख रहा है कि अन्नामलाई मेडल लेकर आगे बढ़ रहे हैं और सूर्या राजा बालू पीछे हटते जा रहे हैं. अंत में बालू अन्नामलाई के हाथ से मेडल अपने हाथ में ले लेते हैं. भाजपा नेता के लिए इससे असहज स्थिति बन जाती है. हालांकि, वह मामले को सामान्य करने की पूरी कोशिश करते हैं और बाकी के दो निशानेबाजों के साथ मंत्री के बेटे की भी पीठ थपथपाते हैं और शाबासी देते हैं.   

रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अन्नामलाई ने इस कृत्य की निंदा करते हुए इसे ‘प्रसिद्धि पाने के लिए डीएमके कार्यकर्ताओं का निंदनीय नाटक’ बताया. उन्होंने स्कूलों-विश्वविद्यालयों में निम्न स्तर की राजनीति लाने को लेकर आगाह भी किया.

राज्यपाल से डिग्री लेने से इनकार

इस घटना ने दो हफ्ते पहले की एक घटना की याद दिला दी, जिसमें एक डीएमके नेता की पत्नी ने राज्यपाल एन रवि के हाथ से डिग्री लेने से इनकार कर दिया था. ये 14 अगस्त की बात है. तमिलनाडु की मनोनमनियम सुंदरनार यूनिवर्सिटी (MSU) में दीक्षांत समारोह के दौरान डिग्रियां दी जा रही थीं. इसी दौरान नागरकोइल उपसचिव और डीएमके नेता एम राजन की पत्नी जीन जोसेफ मंच पर सरेआम राज्यपाल एन रवि को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए कुलपति के पास पहुंच गईं और उनके हाथ से डिग्री ली. बाद में उन्होंने बताया कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि एन रवि ‘तमिल विरोधी’ हैं.

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