CJI गवई के ‘भांजे’ बनेंगे बॉम्बे हाईकोर्ट के जज? कॉलेजियम ने उनके साथ 13 और नामों की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट में जज के पद के लिए 14 वकीलों के नामों की सिफारिश की थी. जिनमें एक नाम राज दामोदर वाकोडे का भी शामिल है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाकोडे को भारत के चीफ जस्टिस (CJI) बी.आर. गवई का भांजा बताया जा रहा है. जो उनकी चचेरी बहन का बेटा है. हालांकि, CJI ने उनसे जुड़े नामों पर चर्चा करने से खुद को अलग कर लिया है.

CJI गवई के सगे भाई डॉ. राजेंद्र गवई से बात की. उन्होंने बताया कि राज दामोदर वाकोडे उनके दूर के रिश्तेदार हैं. पिछले कुछ वक्त से कॉलेजियम सिस्टम विवादों में रहा है. आरोप ये भी लगते रहे हैं कि कॉलेजियम सिस्टम कुछ परिवारों या खास समूहों के बीच जजों की नियुक्ति को बढ़ावा देता है. लिहाजा इंडिया टुडे ने इस बारे में राज दामोदर वाकोडे की प्रतिक्रिया भी जाननी चाही, लेकिन उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
हालांकि, इंडिया टुडे की टीम ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया है कि CJI गवई उन नामों से जुड़ी कॉलेजियम की चर्चाओं का हिस्सा नहीं थे, जिनका उनसे सीधा या परोक्ष रूप से कोई संबंध था. इनमें वाकोडे के अलावा दो अन्य वकीलों के नाम भी शामिल थे, जिनमें से एक ने पहले CJI के साथ काम किया है जबकि दूसरे के पिता CJI बीआर गवई के करियर के शुरुआती दिनों में उनके साथ थे.

कौन हैं राज दामोदर वाकोडे?
वाकोडे ने महाराष्ट्र स्कूल बोर्ड से पढ़ाई की थी. उन्होंने 1996 में अमरावती डिवीजन बोर्ड से 12वीं की और उसके बाद साइंस फैकल्टी में पढ़ाई की. इसके बाद 2001 में उन्होंने M.Sc में गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद उन्होंने 2004 में अमरावती यूनिवर्सिटी से 60.34% अंकों के साथ LLB की.
वकील के तौर पर कार्य करते हुए राज दामोदर वाकोडे ने दिल्ली हाईकोर्ट के जज, जस्टिस नितिन साम्ब्रे के चैंबर में वकालत शुरू की. अपने 20 साल से ज्यादा के कार्यकाल में वाकोडे को कई सार्वजनिक निकायों में काम करने का अनुभव प्राप्त हुआ है. क्योंकि वे महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नागपुर के स्थायी वकील थे.
इसके अलावा वे महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL), भारत संघ, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), अमरावती और नागपुर नगर निगम, अमरावती, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी के स्थायी वकील भी रहे हैं.

कॉलेजियम के जजों के परिवार के सदस्यों या करीबी सहयोगियों के नाम की सिफारिशें कम ही होती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि इससे पहले ऐसा नहीं हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसके कुछ जाने-माने उदाहरणों में जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ और उनके बेटे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ शामिल हैं. दोनों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दी हैं. इसी तरह पूर्व CJI संजीव खन्ना के चाचा भी जस्टिस हंसराज खन्ना भी सुप्रीम कोर्ट के जज रहे थे. वहीं, जस्टिस बीवी नागरत्ना के पिता जस्टिस वेंकेटरमैय्या भी CJI रह चुके हैं. 

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