बिजनेसमैन के साथ मीटिंग में लिस्ट बनी, लेकिन… ‘ दिग्विजय सिंह ने बताया क्यों गिरी थी कमलनाथ सरकार?

मध्य प्रदेश में 15 सालों के लंबे इंतजार के बाद साल 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी. पार्टी ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया. इस बीच, 15 महीने बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बगावत कर दी और अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थाम लिया. कमलनाथ सरकार गिर गई और शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मुख्यमंत्री बने. 

सियासी गलियारों में चर्चा तेज हुई कि दिग्विजय सिंह और सिंधिया के बीच लड़ाई की वजह से सरकार गिरी. कांग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह ने इन चर्चाओं पर अब विराम लगा दिया है. इंडिया टुडे ग्रुप के Tak चैनल्स के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर के साथ खास पॉडकास्ट में दिग्विजय सिंह ने पहली बार इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और बताया है कि आखिर कमलनाथ की सरकार कैसे गिरी? उन्होंने बताया,
ये प्रचारित किया गया कि मेरी और सिंधिया की लड़ाई की वजह से कमलनाथ की सरकार गिर गई… लेकिन सच्चाई यह नहीं है. बल्कि मैंने चेतावनी दी थी कि ऐसी घटना हो सकती है. एक बड़े उद्योगपति हैं. मैं नाम नहीं लेना चाहूंगा… कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों से उनके अच्छे संबंध हैं. मैं उनके पास गया और कहा कि देखिए इन दोनों की लड़ाई में हमारी सरकार गिर जाएगी. आप जरा संभालिए क्योंकि आपके दोनों से अच्छे संबंध हैं.

दिग्विजय सिंह ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अपने घर पर डिनर का आयोजन किया. जिसमें कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा मुझे भी आमंत्रित किया गया. आगे उन्होंने बताया,
उनके घर में भोजन रखा गया और  मैं भी उसमें शामिल हुआ. मैंने बहुत कोशिश की कि ये मामला निपट जाए. वहां पर सभी समस्याओं को लेकर एक लिस्ट तैयार हुई. लेकिन उसका पालन नहीं हो पाया. 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि ये बात सही है कि उनकी कोशिशों के बाद भी कमलनाथ सरकार नहीं बच पाई. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका ना माधवराव सिंधिया (ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता) से कोई विवाद था ना ही ज्योतिरादित्य सिंधिया से कोई विवाद था. 

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