उपराष्ट्रपति पद का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर है। अटकलें हैं कि अब विपक्षी गठबंधन INDIA भी तमिलनाडु से ही उम्मीदवार को मैदान में उतार सकता है। इस दौड़ में सबसे आगे DMK यानी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम सांसद तिरुची सिवा का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है।
कौन हैं तिरुची सिवा
तमिलनाडु के तिरुची में 15 मई 1954 में जन्में सिवा का जन्म तिरुची में हुआ था। वह डीएमके से राज्यसभा सांसद हैं। इससे पहले वह साल 1996, 2002, 2007 और 2020 में भी राज्यसभा के लिए चुने गए थे। सिवा पेशे से वकील हैं। वह लंबे समय से डीएमके से जुड़े हैं और संसद सदस्य के अलावा भी वह कई अहम पदों पर रह चुके हैं।
राजनीतिक सफर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिवा 1978 में डीएमके की जिला छात्र इकाई के संयोजक बने। 1982 में वह डीएमके के युवा मोर्चा के उप सचिव भी रहे। उन्होंने 1992 में भी यह पद संभाला। 1992 और 2007 के बीच वह डीएमके युवा मोर्चा के सचिव बने। पहली बार 1996 में उन्हें पार्टी ने राज्यसभा भेजा था। खास बात है कि वह आपाताकाल के समय जेल भी जा चुके हैं।
NDA के उम्मीदवार
केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन NDA ने भी महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है। खास बात है कि वह भी तमिलनाडु से हैं। कहा जा रहा है कि राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाने की कई वजहें हैं। इनमें RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ाव, राजनीतिक अनुभव, जनसंघ से भाजपा तक का सफर शामिल हैं। इसके अलावा वह पश्चिम तमिलनाडु के प्रमुख समुदाय गौंडर (कोंगु वेल्लालार) से आते हैं।
DMK चाहता था तमिलनाडु से ही उम्मीदवार
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ DMK यानी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम ने राज्य से ही किसी उम्मीदवार को उतारने की पेशकश की है। हालांकि, पार्टी ने इसे लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में विपक्षी गठबंधन की बैठक होनी थी।
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