भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि Operation Sindoor एक सामान्य मिशन जैसा नहीं था, जहां आर्मी को पता हो कि आगे क्या होने वाला है या क्या किया जा सकता है. उन्होंने इसे शतरंज के खेल जैसा बताया. कहा कि दुश्मन की अगली चाल का अंदाजा लगाना मुश्किल था. लेकिन तमाम जोखिमों के बावजूद भारत ने पाकिस्तान को शह और मात देते हुए जीत हासिल की.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल द्विवेदी IIT मद्रास में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा,
“ऑपरेशन सिंदूर में हमने शतरंज खेला. हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हम इसके जवाब में क्या करेंगे. इसे ग्रेजोन कहते हैं. ग्रेजोन का मतलब है कि हम पारंपरिक ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं. हम जो कर रहे हैं वह पारंपरिक ऑपरेशन से बस थोड़ा-सा कम है. हम शतरंज की चालें चल रहे थे. और दुश्मन भी शतरंज की चालें ही चल रहा था.”
उन्होंने आगे कहा कि किसी पल हम उन्हें शह और मात दे रहे थे. इसी बीच किसी पल हम अपने प्राणों की आहुति देने के जोखिम पर हमला कर रहे थे. लेकिन यही तो जिंदगी है. उन्होंने साफ किया कि ऑपरेशन सरकार की रणनीतिक स्पष्टता और राजनीतिक इच्छाशक्ति से प्रेरित था. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सेना को “फ्री हैंड” दिए जाने की भी सराहना की.
जनरल द्विवेदी ने कहा,
“23 अप्रैल (पहलगाम हमले के एक दिन बाद) को जब हम सभी एक साथ बैठे. तब पहली बार रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि बस, अब बहुत हो गया. अब कुछ करना पड़ेगा. तीनों सेना प्रमुखों का मानना था कि कुछ-न-कुछ किया जाना चाहिए. हमें खुली छूट दी गई. कहा गया कि आप (सेना) तय करें कि क्या करना है. इस तरह का आत्मविश्वास, राजनीतिक दिशा और राजनीतिक स्पष्टता हमने पहली बार देखी.”
उन्होंने पाकिस्तान के “नैरेटिव मैनेजमेंट” की भी आलोचना की, जहां पाकिस्तान ने प्रचार किया कि उसने युद्ध जीता. जनरल द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को प्रमोशन देकर फील्ड मार्शल बनाया जाना युद्ध जीतने का सबूत नहीं है.
जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन के नाम की भी सराहना की और कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम ने पूरे देश को जोड़ा.
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