काला बैग, गहने और लैपटॉप के जाल में उलझी राजा मर्डर केस की गुत्थी… ऐसे पुलिस के रडार पर आ गया सिलोम जेम्स

राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच के दौरान एक किरदार उभर कर सामने आ रहा है, वो है प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स. शिलांग पुलिस की एसआईटी को शक है कि सिलोम न सिर्फ हत्या की साजिश में शामिल था, बल्कि उसने सबूतों को भी छिपाया और मिटाया भी. एसआईटी ने इस सिलसिले में इंदौर से लेकर रतलाम तक की छापेमारी की है और इस दौरान जो कुछ मिला, उसने इस केस को एक नया मोड़ दे दिया है. सवाल ये है कि सिलोम क्यों बना सोनम का सबसे बड़ा राजदार? हैरान कर देगी सिलोम की पूरी कहानी.

सिलोम जेम्स पर पुलिस का फोकस

राजा रघुवंशी हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, इस हाई-प्रोफाइल केस में सिलोम जेम्स का नाम का आरोपी पुलिस के लिए पहेली बनकर सामने आया है. शिलांग पुलिस की एसआईटी ने 28 जून को इंदौर में सिलोम जेम्स के एमआर-3 स्थित घर पर छापा मारा. उनका मकसद सोनम रघुवंशी के गहनों से भरे काले बैग की तलाश करना था. बैग की बरामदगी न सिर्फ इस केस में सिलोम की भूमिका को उजागर करती है, बल्कि जांच की दिशा भी बदल सकती है.

इंदौर और रतलाम में छापेमारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिलोम जेम्स पर आरोप है कि उसने ही सोनम का वह बैग गायब किया, जिसमें राजा रघुवंशी के गहने, एक लैपटॉप और संभवतः हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी शामिल था. एसआईटी का मानना है कि सिलोम केवल सामान छिपाने में ही नहीं, बल्कि पूरे हत्याकांड की साजिश में शामिल हो सकता है. इसी आशंका के चलते इंदौर के अलावा रतलाम और अन्य संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की गई.

सिलोम की भूमिका पर सवाल!

सिलोम जेम्स एक प्रॉपर्टी डीलर है, जिसने पहले आरोपी विशाल को वह फ्लैट दिलवाया था जिसमें राज और सोनम हत्या के बाद छिपे थे. यह तथ्य उसे केवल एक मूक दर्शक नहीं, बल्कि एक सक्रिय साजिशकर्ता की तरह दर्शाता है. पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या सिलोम को हत्या की योजना पहले से पता थी या वह हत्या के बाद ही इस साजिश के जाल में फंसा. उसकी भूमिका को लेकर लगातार शक गहराता जा रहा है.

ससुराल में मिला संदिग्ध बैग

शिलांग एसआईटी ने रतलाम में मौजूद सिलोम जेम्स के ससुराल में भी छानबीन की और वहां से एक संदिग्ध बैग जब्त किया. माना जा रहा है कि उस बैग में सोनम के गहने और एक लैपटॉप मिला है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है. यह बैग घर के किचन में छिपाकर रखा गया था, जिसे सिलोम या उसकी पत्नी ने वहां रखा था. ये सबूत केस को सीधे सिलोम जेम्स की ओर मोड़ते हैं.

रविवार को पुलिस ने की छापेमारी

इस छापेमारी से पहले रतलाम में रविवार को हलचल मची रही. एसआईटी की गुप्त गतिविधियों की खबर सुबह से ही शहर में फैल चुकी थी. दोपहर तक टीम के आने की अटकलें चलती रहीं, और फिर करीब तीन बजे पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में दस्तक दी. उसके बाद टीम ने सिलोम को लेकर उसके ससुराल पहुंचकर वहां की तलाशी ली, जिससे उसके साजिश में शामिल होने की संभावना और प्रबल हो गई

सिलोम के पड़ोसियों ने बताई अलग-अलग बातें

पड़ोसियों ने सिलोम और उसकी पत्नी के बारे में बताया कि वे त्योहारों पर गुप्ता दंपती के घर आया-जाया करते थे. वहीं कुछ पड़ोसी यह भी कहते हैं कि दोनों काफी खुले विचारों वाले हैं और उनके व्यवहार में असामान्यता थी. यह सामाजिक व्यवहार भी अब जांचकर्ताओं की रुचि का विषय बन गया है, जो यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं यही स्वतंत्रता और खुलापन अपराध की ओर इशारा तो नहीं करता.

सिलोम को लेकर उठ रहे कई सवाल

पुलिस के मुताबिक, सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने हत्या के बाद राजा का बैकपैक सिलोम को सौंपा था. इसमें खून से सना माछेटी, गहनों का डिब्बा और एक लैपटॉप था. अब यह सवाल उठता है कि क्या सिलोम ने बिना हत्या की जानकारी के यह सामान अपने पास रखा या फिर वह इस साजिश में पूरी तरह से शामिल था. जवाब की तलाश में पुलिस उससे सख्त पूछताछ कर रही है.

क्या सिलोम के अलावा भी शामिल है कोई शख्स?

पुलिस अब इस दिशा में जांच कर रही है कि क्या सिलोम सिर्फ सोनम और राज का मददगार था या उसने हत्या की योजना में भी कोई भूमिका निभाई थी. कॉल डेटा, मोबाइल लोकेशन और लैपटॉप से मिलने वाली डिजिटल जानकारी से जल्द कई और राज सामने आने की उम्मीद है. साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि क्या सिलोम ने गहनों या लैपटॉप को किसी तीसरे व्यक्ति को सौंपा है?

सिलोम पर गंभीर इल्जाम

इस केस में सोनम और उसके प्रेमी राज की भूमिका पहले से ही संदिग्ध थी, लेकिन सिलोम का नाम आने से मामला और पेचीदा हो गया है. जहां एक तरफ सोनम पर पहले से हत्या की साजिश और धोखाधड़ी के आरोप हैं, वहीं अब सिलोम पर सबूत छुपाने और अपराधियों की मदद करने का शक है. अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला न सिर्फ एक हत्याकांड बल्कि एक संगठित साजिश की मिसाल भी बन जाएगा.

जल्द दाखिल हो सकती है चार्जशीट

अब अगला सवाल यह है कि सिलोम पर कब और कौन-से धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा? एसआईटी और पुलिस की टीमें लगातार उसे नए-नए स्थानों पर ले जाकर पूछताछ कर रही हैं. केस की जटिलता को देखते हुए जल्द ही एक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है. यह मामला एक ऐसे हनीमून की कहानी थी, जो प्यार और भरोसे से शुरू होकर साजिश, खून और विश्वासघात पर खत्म हो गई. और इसमें सिलोम जेम्स का किरदार अब सबसे ज्यादा जांच के घेरे में है.

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