इंदौर में ‘जहरीले पानी’ से अब तक 8 मौतों का दावा, मेयर ने 7 कुबूलीं… 2 अफसर सस्पेंड, एक बर्खास्त

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इस समय भीषण जल त्रासदी से जूझ रहा है. दूषित पानी पीने से हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर अब स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच विरोधाभास खड़ा हो गया है. जहां क्षेत्र के लोग 8 मौतों का दावा कर रहे हैं, वहीं सरकारी रिकॉर्ड में अब तक 3 मौतों की ही पुष्टि की गई है. इस गंभीर लापरवाही पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है.

स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि इंदौर में दूषित पानी पीने से उल्टी और दस्त के कारण 8 लोगों की मौत हो गई है, हालांकि प्रशासन ने तीन मौतों की पुष्टि की है. जबकि बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 7 मौतों को स्वीकारा है. 
स्थानीय लोगों के अनुसार, भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने के बाद एक हफ्ते के अंदर छह महिलाओं सहित आठ लोगों की जान चली गई.

एक न्यूज एजेंसी ने स्वास्थ्य विभाग के हवाले से बताया कि इलाके में नंदलाल पाल (70), उर्मिला यादव (60) और तारा कोरी (65) की दस्त से मौत हो गई.

मरीजों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार: CM

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी मरीजों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी.

2 सस्पेंड, एक बर्खास्त 

एक अधिकारी ने बताया कि सीएम के निर्देश के बाद, नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और भागीरथपुरा में एक असिस्टेंट इंजीनियर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया, जबकि एक इंचार्ज सब-इंजीनियर की सेवाएं खत्म कर दी गईं.
एक अधिकारी ने बताया कि पानी दूषित होने से हुई मौतों के आरोपों की जांच के लिए एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है.

शौचालय के नीचे मिले पाइपलाइन लीकेज ने छीनीं कई जानें

नगर आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने बताया कि भागीरथपुरा में मुख्य पानी की सप्लाई पाइपलाइन में एक जगह लीकेज मिला है, जिसके ऊपर एक शौचालय बना हुआ है. उन्होंने कहा कि इस लीकेज के कारण पीने का पानी दूषित हो गया होगा.
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों से वर्मा हॉस्पिटल जाकर मुलाकात की. मरीजों के हालचाल जानने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पीसीसी चीफ ने बीजेपी नेताओं पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह पानी सिर्फ दूषित नहीं, बल्कि जहरीला पानी है, इसकी वजह से 3 लोगों की मौत हुई है.
उन्होंने कहा कि पानी की सुविधा के लिए निगम इंदौर में 2200 करोड़ रुपए खर्च कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को जहरीला पानी पीना पड़ रहा है. इसके कमिशन में ठेकेदारों के साथ किन नेताओं की हिस्सेदारी है, यह जानने की आवश्यकता है. लोगों की जान जाने के जिम्मेदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज होना चाहिए.

कांग्रेस नेता का कहना है कि नगर निगम आयुक्त और महापौर के खिलाफ इंदौर कांग्रेस एफआईआर दर्ज करवाएगी. क्षेत्रीय विधायक एवं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी जीतू पटवारी ने जमकर निशाना साधा. बोले कि जनता ने आपको सब कुछ दिया, आप उनको गंदा पानी क्यों पिला रहे हो? ड्रैनेज का पानी नर्मदा लाइन में मिलने को भ्रष्टाचार का अंजाम बताया.
कांग्रेस के प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रशासन दूषित पीने के पानी की घटना में अपनी जानलेवा लापरवाही को छिपाने के लिए मौतों की असली संख्या छिपा रहा है.
उन्होंने कहा, “दूषित पीने के पानी की घटना ने देश के सबसे साफ शहर इंदौर की छवि पर एक बुरा दाग लगा दिया है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावटी कदम उठाए जा रहे हैं.”

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