बेंगलुरु में बुधवार शाम चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ मची और कई परिवारों को जिंदगी भर का सदमा दे गई। यह हादसा आरसीबी के विजय परेड के दौरान हुआ, जिसमें उम्मीद से ज्यादा तादाद में भीड़ जमा हो गई। अचानक स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 33 लोग घायल हो गए। अब सवाल उठ रहे हैं कि सरकार की बदइंतजामी के कारण ये भगदड़ मची या फिर आयोजकों की लापरवाही के कारण।
ये 5 बड़े सवाल हैं, जो इस पूरे हादसे के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं।
1. प्रशासनिक लापरवाही: पुलिस समय रहते एक्शन में नहीं आई और न ही कार्यक्रम स्थल या विक्ट्री परेड पर कोई बंदोबस्त किया गया। जैसे ही भीड़ बढ़ी तो अफरा-तफरी मचने लगी।
2. प्रशासन और आयोजकों के बीच को-ऑर्डिनेशन की कमी: बताया जा रहा है कि पुलिस ने पहले कार्यक्रम के आयोजन को हाई-रिस्क वाला बताया था। लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने विक्ट्री परेड को रद्द करने की जानकारी दी थी। इसके बावजूद आरसीबी की ओर से सोशल मीडिया पर विजय परेड होने और फ्री पास के सीमित होने की जानकारी शेयर की गई।
3. आयोजक भीड़ का अनुमान लगाने में विफल रहे: स्टेडियम की क्षमता 35,000 थी। आयोजक को भी इस बात का अंदाजा था कि इससे ज्यादा भीड़ जुटेगी, लेकिन लोग आए 2 से 3 लाख।
4. भीड़ पर पुलिस का लाठीचार्ज: मौके पर पुलिस तैनात थी, लेकिन लाखों की संख्या में लोगों की भीड़ जुटने की वजह से हालात बिगड़ गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इसके बाद और ज्यादा हालात बिगड़ गए।
5. सीएम ने प्रशंसकों की भीड़ को खुला निमंत्रण देते हुए एक ट्वीट किया: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को प्रशंसकों की भीड़ के उन्माद को अच्छी तरह से जानते हुए भी सभी को खुला निमंत्रण देते हुए एक ट्वीट किया। उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था किए बिना यह खुला निमंत्रण दिया।
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