ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान के भीतर मिसाइलें दाग रही थी सेना, तभी इस काम में जुटे थे जयशंकर-डोभाल

ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना ने वादे के मुताबिक पहलगाम के आतंकवादियों और उनके पनाहगारों को मिट्टी में मिलाने का काम कर दिया है. बीती रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान की धरती पर फल-फूल रहे आतंकवादियों के ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश कर दी. इसमें बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है. भारत ने एक दो नहीं बल्कि नौ ठिकानों पर एक से बढ़कर एक मिसाइलें दागी हैं. पाकिस्तान की धरती पर आतंकवादियों के ठिकाने पर जब भारतीय सेना ये मिसाइलें गिरा रही थी तब भारत का कूटनीतिक और राजनयिक तंत्र भी एक दूसरे एक्शन में जुटा था. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नेतृत्व में ये टीम भी अपना काम कर रही थी.

पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकाने पर किए गए इन हमलों के तुरंत बाद जयशंकर और अजित डोभाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसकी जानकारी दे रहे थे. इस हमले के बाद बुधवार तड़के में चार अहम काम किए गए. भारत ने दुनिया के अहम देशों के राजनयिकों को यह बताया कि उसकी कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों तक सीमित थी. इस कार्रवाई को बेहद जिम्मेदारी से अंजाम दिया गया. हम नहीं चाहते हैं कि यह कार्रवाई किसी संघर्ष का रूप ले. इस हमले में भारत ने किसी भी नागरिक, आर्थिक या पाकिस्तानी सेना के ठिकाने को टार्गेट नहीं किया. इस दौरान केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया.

डोभाल ने की अमेरिकी एनएसए से बात

अमेरिका में भारत के दूतावास ने इस हमले के बाद एक बयान जारी किया है. इसमें कहा गया है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी एनएसए और विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की. उन्होंने रूबियो को भारत के एक्शन की जानकारी दी और कहा कि भारत ने आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की है. उसने पाकिस्तान पर कोई हमला नहीं किया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक हमले के तुरंत बाद भारतीय राजनयिकों ने इंग्लैंड, सऊदी अरब, यूएई और रूस के राजयनिको को भी भारत के एक्शन की जानकारी दी.

भारत ने इन देशों के राजनयिकों से कहा है कि पहलगाम हमले के बाद उसे उम्मीद थी कि पाकिस्तान की सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. ऐसे में भारत को आतंकवादियों के खिलाफ खुद कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा. भारत के इस एक्शन का कई देशों ने समर्थन भी किया है. इजरायल ने स्पष्ट तौर भारत के कार्रावाई करने के अधिकार का समर्थन किया है. भारत की कार्रवाई के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि यह घटना शर्मनाक है. लेकिन वह उम्मीद करते हैं कि यह लड़ाई और आगे न बढ़े.

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