भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच वायुसेना ने शुक्रवार को गंगा एक्सप्रेसवे पर अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया, जिससे देशभर का ध्यान शाहजहांपुर के जलालाबाद क्षेत्र की ओर खिंच गया।
यहां बनी 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी पर एक के बाद एक राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज-2000 और हरक्यूलिस जैसे घातक विमान गरजे। इन लड़ाकू विमानों ने हवाई पट्टी पर टचडाउन किया और हवा में अद्भुत करतब दिखाए।

पहली बार नाइट लैंडिंग की तैयारी
शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र में बने इस रनवे की खासियत यह है कि यहां दिन के साथ-साथ रात में भी फाइटर जेट्स की लैंडिंग संभव है। यह भारत का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे रनवे है जिसे नाइट लैंडिंग के लिए तैयार किया गया है। इस शक्ति प्रदर्शन का उद्देश्य युद्ध या आपदा की स्थिति में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) को वैकल्पिक रनवे के रूप में प्रयोग करना है।
वायुसेना के 8 प्रमुख विमानों ने दिखाई ताकत
दोपहर 12:41 पर सबसे पहले AN-32 विमान ने हवाई पट्टी पर लैंड किया। इसके बाद C-130J सुपर हरक्यूलिस, मिग-29, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर और MI-17 हेलीकॉप्टर ने लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। विमान हवा में कलाबाजियां करते नजर आए, जिससे वहां मौजूद लोगों ने तालियों और जय हिंद के नारों के साथ वायुसेना का उत्साहवर्धन किया।
एयर शो से पहले बिगड़ा मौसम
शुक्रवार सुबह शाहजहांपुर में तेज आंधी और बारिश के कारण कुछ देर के लिए कार्यक्रम पर संशय के बादल मंडराए। लेकिन जलालाबाद का मौसम अनुकूल रहा, जिससे लैंडिंग और एयर शो बिना रुकावट सफल रहा।
सुरक्षा के लिए 250 CCTV कैमरे
एयर शो को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हवाई पट्टी के दोनों ओर 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। जलालाबाद-कटरा हाइवे को तीन घंटे के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया ताकि कोई बाधा न आ सके।
गंगा एक्सप्रेसवे E 594 किमी लंबा है और यह मेरठ से लेकर प्रयागराज तक 12 जिलों से गुजरता है। शाहजहांपुर जिले में यह एक्सप्रेसवे 44 गांवों को छूता है, जहां अधिकतर स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अनुमान है कि नवंबर 2025 तक इसका लोकार्पण हो जाएगा।
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