पीएम मोदी से फिर मिलने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजित डोभाल भी रहे मौजूद के बीच चली 40 मिनट बैठक

सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग, पर एक अहम बैठक हुई, जो करीब 40 मिनट तक चली। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है, खासकर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 लोग, ज्यादातर पर्यटक, मारे गए थे। इस हमले को भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जोड़ा है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव बढ़ गया है।

बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय में आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सेना की तैयारियों, पहलगाम हमले के बाद उठाए गए कदमों, और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। पिछले चार दिनों से पाकिस्तानी सेना द्वारा एलओसी पर की जा रही गोलीबारी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। भारतीय सेना ने इसका करारा जवाब दिया है, और सूत्रों के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी पक्ष को भारी नुकसान हुआ है।

राजनाथ सिंह ने CDS से भी की मुलाकात

इसी बीच, रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के बीच दिल्ली में रक्षा मंत्री के आवास पर एक और महत्वपूर्ण बैठक हुई, जो भी करीब 40 मिनट तक चली। इस मुलाकात में जनरल चौहान ने आतंकवाद के खिलाफ सैन्य रणनीति और भारतीय सशस्त्र बलों की तैयारियों पर विस्तार से जानकारी दी। रविवार को ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी ने गृह मंत्रालय में एक बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। बीएसएफ ने पंजाब और राजस्थान में सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है, क्योंकि पाकिस्तान ने एलओसी पर नाजुक युद्धविराम का उल्लंघन किया है।

फ्रांस से हो रही राफेल मरीन डील

इस सैन्य और कूटनीतिक रणनीति के बीच एक और अहम घटनाक्रम सामने आया। भारत और फ्रांस के बीच नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन (एम) लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा सोमवार को नई दिल्ली में अंतिम रूप लेने वाला है। इस डील को हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने मंजूरी दी थी। फ्रांस के रक्षा मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस समझौते से जुड़ी बातचीत में शामिल होंगे। यह सौदा भारतीय नौसेना की ताकत को और बढ़ाएगा, खासकर ऐसे समय में जब भारत को अपनी सीमाओं पर बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। रक्षा मंत्री ने इस डील से पहले प्रधानमंत्री से मुलाकात कर इसकी तैयारियों और रणनीतिक महत्व पर चर्चा की।

पाक के खिलाफ भारत उठा रहा सख्त कदम

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पहले ही कई सख्त कदम उठाए हैं, जिसमें 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा को बंद करना, और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी अपनी ओर से कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करना और आपातकाल जैसे उपाय शामिल हैं। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया है कि बीती रात पाकिस्तानी सेना ने कुपवाड़ा और पुंछ सेक्टर में अचानक गोलीबारी शुरू की, जिसका भारतीय सेना ने जवाब दिया, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की यह 40 मिनट की बैठक न केवल सैन्य तैयारियों बल्कि कूटनीतिक रणनीति को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी मौजूद थे, जिन्होंने सीमा पर ताजा हालात और आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर अपनी राय रखी। यह साफ है कि भारत अब पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर स्तर पर तैयार है, और आने वाले दिनों में इस दिशा में और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

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