पहलगाम हमले में शामिल आतंकी आदिल गुरी का क्या है पाकिस्तानी कनेक्शन? कश्मीर से हिरासत में लिए गए 2600 लोग

श्रीनगर। कश्मीर का मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाला पहलगाम का बैसरन…। यहां प्रतिदिन लगभग दो हजार पर्यटक आते हैं। घोड़े वालों से लेकर विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करने वाले भी 300 के करीब मौजूद रहते हैं। उसके बावजूद सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं था, जिनके जिम्मे सुरक्षा थी, अब वे नरसंहार की आग की आंच से बचने के लिए बगले झांक रहे हैं।

इस बीच, नरसंहार में लिप्त स्थानीय मददगार का पता लगाने के लिए जांच एजेंसियों ने होटल ऑपरेटरों, घोड़े वालों और बैसरन में विभिन्न सेवा प्रदाताओं की छानबीन शुरू कर दी है। पहलगाम में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के खुफिया विंग के कर्मियों व अन्य एजेंसियों द्वारा बीते एक माह के दौरान आतंकियों के संदर्भ में उपलब्ध कराए गए इनपुट और उसके स्रोत का भी आकलन किया जा रहा है।

2600 लोग हिरासत में लिए गए
इस बीच, कश्मीर के विभिन्न इलाकों से 2600 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की सूचना है, लेकिन पुलिस ने इस तथ्य की कोई पुष्टि नहीं की है। पहलगाम के बैसरन में मंगलवार को आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में लिप्त पांच आतंकियों को चिह्नित किया गया है। इनमें तीन पाकिस्तानी और दो स्थानीय बताए गए हैं।।

सात साल पहले पाकिस्तान गया था आदिल

स्थानीय आतंकियों में आदिल गुरी और अहसान हैं, जो लगभग सात वर्ष पहले पाकिस्तान गए थे और उनके कुछ समय पूर्व लौटने की सूचना है। पाकिस्तानी आतंकियों में सुलेमान शाह, आसिफ फौजी और अबु तल्हा बताए जाते हैं। जानकारी है कि इन सात वर्षों में इन्होंने पाक में ही ट्रेनिंग ली थी। आदिल का शुक्रवार को घर विस्फोट के जरिए तबाह कर दिया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी आदिल थोकर उर्फ आदिल गुरी का घर ध्वस्त कर दिया गया है। आतंकी आदिल गुरी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहरा ब्लॉक के गुरी गांव का रहने वाला था। अनंतनाग पुलिस ने आदिल सहित पहलगाम के पांच आतंकियों पर 20 लाख का इनाम रखा हुआ है।

इन आतंकियों को पकड़ने के लिए जहां तलाशी अभियान जारी है, वहीं दूसरी तरफ हमले के कारणों की भी जांच की जा रही है। बैसरन और उसके आसपास का क्षेत्र कथित तौर पर 03 आरआर के कार्याधिकार क्षेत्र में आता है।

पर्यटन स्थल पर मौजूद रहती थी सीआरपीएफ

इसके अलावा सीआरपीएफ भी इस इलाके में विशेषकर जहां पर पर्यटकों की आवाजाही ज्यादा है, वहां की सुरक्षा बंदोबस्त में शामिल की जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों को बैसरन या उसके आसपास के इलाकों में गश्त करते या एरिया डॉमिनेशन के लिए नहीं देखा है।

मनोरंजन पार्क के आसपास सीआरपीएफ की भी एक टुकड़ी बीते वर्ष तक तैनात थी, जो मौजूदा पर्यटन सीजन शुरू होने के बाद तैनात नहीं की गई थी। यही कारण है कि आतंकियों की टुकड़ी मौका देखकर हमला किया।
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