सवाई माधोपुर. सवाई माधोपुर जिले में बीते तीन चार दिन से बवाल ही बवाल मच रहा है. रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर 16 अप्रैल को टाइगर के हमले में 7 साल के बच्चे की मौत के बाद अब लोगों का गुस्सा फट पड़ा है. वे सड़कों पर आ गए हैं. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जबर्दस्त प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता वे बच्चे की अस्थियों का विसर्जन वहीं करेंगे. यह मामला अब तेजी से तूल पकड़ रहा है. चौतरफा पब्लिक के गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन की सांसें फूल गई है.
वहीं जाहीरा गांव में चांदी के कड़ों लूटने के लिए की गई उर्मिला मीणा की हत्या को लेकर आक्रोशित लोग सड़कों पर आए हैं. वे बीते 28 घंटों से शव को लेकर बैठे हैं। उनकी मांग की है आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. उसके बाद ही वे शव का पोस्टमार्टम करवाएंगे. वहीं कुंडेरा इलाके में बजरी माफियाओं के शिकार हुए ऋषिकेष मीणा के शव को लेकर भी सड़कों पर प्रदर्शन किया जा रहा है. इस बीच जिले में आज एक फॉरेस्ट गार्ड मुकेश गुर्जर की जमकर पिटाई कर दी गई. उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सवाई माधोपुर में किया गया बड़ा प्रदर्शनटाइगर अटैक की घटना के विरोध में आज जिला मुख्यालय के महावीर पार्क में सर्व समाज के लोग एकत्र हुए. गुस्साए लोग महावीर पार्क से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचे. इस दौरान वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. इस मौके पर मृतक बच्चे के परिजन भी हाथों में अस्थि कलश लेकर आंदोलन में शामिल हुए. उनका कहना था कि मृतक के परिवार को अब तक कोई आर्थिक मुआवजा नहीं मिला है.
सरकार ने केवल घोषणा की दिया कुछ भी नहींसरकार ने मुख्यमंत्री सहायता कोष या वन विभाग से मुआवजा देने की घोषणाएं की हैं, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं मिला है. उन्होंने मांग की कि मृतक परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जाएगा. वहीं आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. आक्रोशित लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस महामंत्री डॉ. सुमित गर्ग ने सीएम भजनलाल को चार मांगों को लेकर पत्र लिखा है.
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