6 अप्रैल दिन रविवार है और साथ ही में कल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि भी होने से रामनवमी का उत्तम संयोग बना है। जिसमें कल दिन के स्वामी सूर्य और नक्षत्र पुष्य होने से उत्तम कोटि का रविपुष्य योग बना है। और चंद्रमा कल कर्क राशि में मंगल के साथ विचरण कर रहे हैं जिससे कल के दिन धन योग का शुभ संयोग भी बना है जिससे कल का दिन मेष, कर्क, तुला, धनु एवं कुंभ राशि के लिए लकी रहने वाला है। इनको कल प्रभु राम की कृपा से लाभ और खुशी मिलने वाली। तो आइए इसके साथ ही जानते हैं कल रामनवमी के दिन के उपाय।
मेष राशि के लिए कल रामनवमी का दिन कैसा रहेगा
6 अप्रैल के दिन दिन मेष राशि के जातक बहुत ही भाग्यशाली रहेंगे। आपको कल किसी शुभ और धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने का मौका मिलेगा। आपको कल किसी ऐसे व्यक्ति से मदद मिल सकती है जिससे आपको मदद की उम्मीद भी नहीं होगी। आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा और आपको किसी सगे संबंधी से मिलने का मौका मिलेगा। किसी भौतिक सुख साधनों के मिलने भी आपको खुशी होगी। आपको परिवार से भी कल के दिन खुशी मिलेगी। माता से स्नेह पाएंगे। कारोबार में प्रगति से कारोबारी जातक प्रसन्न होंगे। संचित धन में वृद्धि होगी। साथ ही कामकाज के सिलसिले में की गई यात्रा सफल रहेगी।
रामनवमी का शुभ मुहूर्त (Ram Navami 2025 Muhurat)
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का प्रारम्भ 05 अप्रैल को शाम 07 बजकर 26 मिनट पर हो रहा है। वहीं यह तिथि 06 अप्रैल को शाम 07 बजकर 22 मिनट तक रहने वाली है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम का जन्म मध्याह्न मुहूर्त में हुआ था, ऐसे में इस दिन पर यह मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाले हैं –
• राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 25 मिनट से दोपहर 01 बजकर 54 मिनट
• राम नवमी मध्याह्न का क्षण – दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर
बन रहे हैं ये शुभ योग (Ram Navami 2025 Shubh Yog)
• रवि पुष्य योग – सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 07 अप्रैल सुबह 06 बजकर 25 मिनट तक
• सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 07 अप्रैल सुबह 06 बजकर 25 मिनट तक
• रवि योग – पूरे दिन
अन्य शुभ मुहूर्त
• ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04 बजकर 54 मिनट तक प्रातः 05 बजकर 41 मिनट तक
• अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से दोपहर 01 बजकर 05 मिनट तक
जरूर करें ये काम
भगवान राम की पूजा के दौरान उन्हें मिठाई, केसर भात, पंचामृत, धनिया पंजीरी आदि का भोग जरूर लगाएं। इसी के साथ राम जी की कृपा के लिए रामनवमी के दिन सुंदरकांड या श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ भी कर सकते हैं। पूजा के बाद हनुमान चालीसा का पाठ भी जरूर करें। इस दिन पर आपको श्री रामरक्षा स्तोत्र का भी पाठ करने से भी उत्तम फल मिलता है।
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