दिल्ली में पहले से टाइट है फाइट, अब 3 सीटों पर AAP को अपने ही दे रहे टेंशन

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की समय सीमा खत्म हो गई है। 70 विधानसभा सीटों के लिए कुल 981 उम्मीदवारों ने 1523 नामांकन दाखिल किए हैं। 20 तारीख को नामांकन वापस लेने की समय सीमा खत्म होने के बाद सभी सीटों की असली तस्वीर सामने आएगी और यह पता चलेगा कि कहां कितने उम्मीदवार मैदान में हैं। फिलहाल सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के लिए लिए कम से कम तीन सीटों पर ‘अपने’ ही टेंशन देने में जुट गए हैं। टिकट कटने से नाराज दो विधायकों ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है तो एक ने खुलकर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। टाइट फाइट में क्या ये बागी जीत की राह में रोड़ा बन सकते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।

देवली सीट पर बागी हुए प्रकाश जारवाल ने कराया नामांकन

अन्ना आंदोलन और फिर पार्टी गठन के दौर से ही साथ रहे प्रकाश जारवाल आम आदमी पार्टी के पुराने सिपाही हैं। वह देवली सीट पर तीन बार विधायक रह चुके हैं। अनूसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट पर ‘आप’ ने इस बार प्रकाश जारवाल की जगह प्रेम कुमार चौहान को उम्मीदवार बनाया है। टिकट कटने से नाराज प्रकाश जारवाल ने बगात का बिगुल फूंक दिया है। नामांकन के आखिरी दिन उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया है। वह लगातार प्रचार में भी जुटे हैं। ऐसे में यहां ‘आप’ उम्मीदवार प्रेम कुमार चौहान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिल्ली में इस बार आप और भाजपा के बीच करीबी मुकाबले का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में प्रकाश जारवाल ने विधायक के तौर पर अपने कामकाज और संपर्कों के जरिए यदि समर्थक मतदाताओं को अपनी ओर लाने में कामयाब रहे तो इसका सीधा नुकसान आम आदमी पार्टी को होगा।

हरिनगर में राजकुमारी ढिल्लो ने कराया नामांकन

हरिनगर से आम आदमी पार्टी की विधायक राजकुमारी ढिल्लो ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया है। ‘आप’ ने इस सीट से ढिल्लो को ही उम्मीदवार बनाया था, लेकिन 15 जनवरी को अचानक ढिल्लो को हटाकर सुरेंद्र सेतिया को टिकट दे दिया। ढिल्लो का आरोप है कि पैसे लेकर उनका टिकट काट दिया गया। ढिल्लों ने शुक्रवार को अपना पर्चा दाखिल करने के बाद कहा कि यह हरिनगर की जनता के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है।

जनकपुरी सीट से दो बार के विधायक राजेश ऋषि बागी

जनकपुरी सीट पर आम आदमी पार्टी के दो बार के विधायक राजेश ऋषि बागी हो चुके हैं। टिकट कटने से वह इतने नाराज हैं कि पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को कट्टर बेईमान बता रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाया है कि टिकट के लिए उनसे 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। 2015 और 2020 में जनकपुरी से जीत हासिल करने वाले राजेश ऋषि का कहना है कि आम आदमी पार्टी इस सीट से चुनाव हार रही है। सूत्रों के मुताबिक, वह अपने समर्थकों को ‘आप’ के खिलाफ वोट करने को कह रहे हैं। 10 साल से विधायक होने की वजह से राजेश ऋषि बड़ी संख्या में लोगों से सीधे संपर्क में हैं और उनका इस तरह पार्टी के खिलाफ जाना ‘आप’ के लिए खेल खराब कर सकता है।

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