हरियाणा में लगातार तीसरी बार BJP सरकार:कांग्रेस ने कहा- नतीजे चौंकाने वाले, सीएम नायब सैनी बोले- कांग्रेस का झूठ नहीं चला

हरियाणा में BJP लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। राज्य में ऐसा करने वाली वह पहली पार्टी होगी। राज्य की कुल 90 सीटों में से पार्टी ने 48 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 8 सीटों का फायदा हुआ है।

उधर, कांग्रेस ने 37 सीटें जीती हैं। इसे भी इस चुनाव में 6 सीटों का फायदा हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लाडवा और कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा गढ़ी-सांपला सीट से जीत गए हैं।

कांग्रेस ने रिजल्ट को चौंकाने वाला बताया है। वहीं सीएम सैनी ने कहा कि जनता ने कांग्रेस के झूठ को नकार दिया है। BJP की बढ़त के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम सैनी को फोन किया और जीत पर बधाई दी।

इस बीच खबर आ रही है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण दशहरा यानी 12 अक्टूबर को हो सकता है।

डेढ़ घंटे में रुझान कांग्रेस के हाथ से निकले मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। रुझान आते ही कांग्रेस ने बढ़त बना ली थी और कुछ देर तक एक तरफा जीत की ओर थी। पार्टी ने 65 सीटों को छू लिया था। भाजपा कम होकर 17 सीटों पर आ गई थी।

लेकिन 9:30 बजे भाजपा टक्कर में आई और दोनों पार्टियों में दो सीटों का अंतर रह गया। सुबह 9:44 बजे एक समय ऐसा भी आया जब दोनों पार्टी 43-43 सीटों पर आ गईं। इसके बाद भाजपा 51 सीटों तक पहुंच गई। करीब 11 बजे से भाजपा की सीटें 47 से 51 के बीच रही। बाद में 48 सीटें हासिल की।

हरियाणा में इस बार 67.90% वोटिंग हुई थी। पिछले चुनाव में 68.20% वोटिंग हुई थी।

वो चुनावी ट्रेंड जो टूट गए

तीसरी बार सरकारः हरियाणा में 1967 से लेकर अब तक, तीन मौके ऐसे आए जब जाटलैंड की जनता ने किसी दल को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का जनादेश दिया लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ था जब किसी पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता मिली हो. 1968 और 1972 में कांग्रेस जीती थी. यह नए नवेले प्रदेश के चुनावी इतिहास में पहला मौका था जब कोई सरकार रिपीट हुई थी. 2005 और 2009 में कांग्रेस, 2014 और 2019 में बीजेपी की सत्ता बरकरार रही थी. इस बार तीसरी बार जनादेश नहीं मिलने का ट्रेंड टूट गया है. 2024 के विधानसभा चुनाव में ऐसा पहली बार हुआ है जब हरियाणा की जनता ने किसी दल को लगातार तीसरी बार किसी दल की सरकार रिपीट की है. 

फुल मेजॉरिटी, हंग और फिर साफः हरियाणा में जो सरकारें रिपीट हुई भी हैं, 1972 का चुनाव छोड़ दें तो एक ट्रेंड रहा है- फुल मेजॉरिटी के बाद हंग असेंबली और फिर सत्ता से विदाई का. 2005 के चुनाव में सत्ता पर काबिज हुई कांग्रेस 2009 में सरकार बनाने में भले ही सफल रही थी लेकिन पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे ही ठिठक गई थी. 2014 के चुनाव में कांग्रेस की सत्ता से विदाई हो गई थी. 2014 चुनाव में जीत के साथ सत्ता में आई बीजेपी भी 2019 में सरकार बना ले गई लेकिन उसे बहुमत नहीं मिला था. 2024 चुनाव में फिर से बीजेपी की जीत के साथ हंग असेंबली के बाद सत्ता से विदाई का ट्रेंड भी टूट गया.

बरकरार रहा ये ट्रेंड

हरियाणा चुनाव कांग्रेस के सपने, जवान-किसान को लेकर नैरेटिव से लेकर कई चुनावी ट्रेंड्स तोड़ने वाला साबित हुआ. टूटने की इस लहर में एक ट्रेंड में एक ट्रेंड ऐसा भी है जो साबुत बच गया है. वह ट्रेंड है दिल्ली और चंडीगढ़ में एक ही दल के निजाम का. हरियाणा के अलग राज्य बनने के बाद से लेकर अब तक के इतिहास में कुछ साल छोड़ दें तो सूबे में उसी की सरकार रही है, जिसके पास केंद्र की सत्ता हो. साल 1991 से अब तक सूबे में एक ही पार्टी की सरकार का ट्रेंड चला आ रहा है जो इस बार भी बरकरार रहा

हरियाणा की 18 हॉट सीटें: कहीं पोते ने दादा को हराया, तो कहीं बहन ने भाई को हराया

लाडवा सीट: सीएम नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस प्रत्याशी मेवा सिंह को 16054 वोटों से हराया।

गढ़ी-सांपला सीट: कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 71465 वोट से चुनाव जीत गए हैं।

ऐलनाबाद सीट: इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला 15 हजार वोट से चुनाव हार गए हैं। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह बेनीवाल ने जीत दर्ज की है।

जुलाना सीट: कांग्रेस कैंडिडेट विनेश फोगाट ने 6015 वोटों से जीत दर्ज की है। उन्होंने BJP के उम्मीदवार कैप्टन योगेश बैरागी को हराया है।

हिसार सीट: देश की सबसे अमीर महिला प्रत्याशी सावित्री जिंदल ने 18941 वोटों से जीत दर्ज की है।

तोशाम सीट: बंसीलाल के पोते और कांग्रेस उम्मीदवार अनिरुद्ध चौधरी तोशाम सीट से चुनाव हार गए हैं। उन्हें बंसीलाल की पोती और भाजपा उम्मीदवार श्रुति चौधरी ने हराया।

होडल सीट: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान भी हार गए हैं।

रेवाड़ी सीट: बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव के दामाद चिरंजीव राव को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें बीजेपी के लक्ष्मण यादव ने हराया।

उचाना कलां सीट: भाजपा के प्रत्याशी देवेंद्र अत्री ने सिर्फ 39 वोट से जीत दर्ज की है। देवेंद्र ने पूर्व उप मुख्यमंत्री और जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला और चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे और कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह को हराया।

अंबाला कैंट सीट: भाजपा नेता और पूर्व मंत्री अनिल विज ने 7277 वोटों से जीत दर्ज की है। विज ने निर्दलीय प्रत्याशी चित्रा सरवारा को हराया।

सिरसा सीट: हलोपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री गोपाल कांडा चुनाव हार गए हैं। उन्हें कांग्रेस के गोकुल सेतिया ने 7234 वोटों से हराया।

रानियां सीट: निर्दलीय प्रत्याशी रणजीत चौटाला को रिश्ते में उनके ही पोते और इनेलो उम्मीदवार अर्जुन चौटाला ने हराया।

डबवाली सीट: देवीलाल के पोते और इनेलो उम्मीदवार आदित्य देवीलाल चौटाला ने रिश्ते में भतीजे और जेजेपी के उम्मीदवार दिग्विजय चौटाला को हरा दिया।

राई सीट: इंडिया बुल्स के मालिक समीर गहलावत की मां और भाजपा उम्मीदवार कृष्णा गहलावत राई से जीत गई हैं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जय भगवान अंतिल को 4673 वोटों से हराया।

बादशाहपुर सीट: पूर्व मंत्री और भाजपा उम्मीदवार राव नरबीर सिंह जीते, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार वर्धन यादव को 60705 वोटों से हराया।

पंचकूला सीट: पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रमोहन बिश्नोई चुनाव जीते, उन्होंने भाजपा उम्मीदवार ज्ञानचंद गुप्ता को 1997 वोटों से हराया।

नारनौंद सीट: भाजपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु हारे, उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार जस्सी पेटवाड़ ने 12578 वोटों से हराया।

अटेली सीट: केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी और भाजपा उम्मीदवार आरती सिंह राव चुनाव जीतीं, उन्होंने बसपा उम्मीदवार अत्तर सिंह को 2500 वोटों से हराया।

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