राफेल, यूरोफाइटर, F-16V, F-15… भारत क्यों आ रहे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान

नई दिल्ली: भारत में जल्द ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों का मेला लगने वाला है। ये विमान भारत में किसी प्रदर्शनी के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग युद्धाभ्यासों में भाग लेने के लिए आ रहे हैं। इसमें फ्रांस का राफेल, यूरोप का यूरोफाइटर टाइफून और अमेरिका के एफ-16वी और एफ-15 लड़ाकू विमान शामिल हैं। ये सभी लड़ाकू विमान भारतीय वायु सेना के लिए टेंडर जीतने की कोशिश में भी शामिल हैं। भारतीय वायु सेना ने 2024 में दो प्रमुख युद्धाभ्यास आयोजित किए हैं। इसके बाद एक बहुराष्ट्रीय अभ्यास तरंग शक्ति का भी आयोजन होगा। यह भारत में आयोजित होने वाला पहला अभ्यास होगा।

चीन के विरोध ने दुश्मनों को किया एकजुट

विशेषज्ञों का कहना है कि आक्रमक चीन के उदय ने समान विचारधारा वाले देशों को अधिक सैन्य सहयोग के लिए एक साथ ला दिया है। भारत 2020 से ही चीन के साथ सैन्य गतिरोध में उलझा हुआ है और अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान निकलता नहीं दिख रहा है। इस कारण भारत ने भी विदेशी देशों के साथ हवाई अभ्यास बढ़ा दिया है। भारत अभी तक इतने बड़े पैमाने पर किसी बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास में शामिल नहीं हुआ है। इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना के लगभग सभी लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और कई तरह के एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल होंगे।

तरंग शक्ति अभ्यास आयोजित कर रहा भारत

तरंग शक्ति अभ्यास पिछले कुछ वर्षों में हवाई क्षेत्र में शुरू किए गए भारत की दोस्ती का परिणाम है। इस युद्धाभ्यास में अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया समेत एक दर्जन मित्र देशों के भाग लेने की उम्मीद है। इसमें छह देशों के लड़ाकू विमान भी शामिल होगे, जबकि अन्य पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगे। जर्मनी और फ्रांस के यूरोफाइटर टाइफून और राफेल लड़ाकू विमानों के साथ युद्धाभ्यास में शामिल होने की उम्मीद है।

जर्मन और फ्रेंच वायु सेना ने की पुष्टि

जर्मन वायु सेना की पुष्टि कि वह अपने स्पेनिश और फ्रांसीसी समकक्षों के साथ संयुक्त अभ्यास के लिए पहली बार भारत आएगी। तरंग शक्ति का पहला चरण 6 से 14 अगस्त तक होगा। यूरोपीय मीडिया के अनुसार, “जर्मनी और अन्य यूरोपीय देश दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले लोकतंत्र के साथ अधिक निकटता से सहयोग करने में बहुत रुचि रखते हैं।” इसका प्रमुख कारण चीन की विस्तारवादी सोच को माना जा रहा है।

अमेरिका भी भेजेगा लड़ाकू विमान

अमेरिका ने अभी तक उस विमान की घोषणा नहीं की है जिसे वह मेगा अभ्यास के लिए भेजेगा। उम्मीद है कि अमेरिका अपने एफ-16वी और एफ-15ईएक्स लड़ाकू विमान को भेज सकता है। ये दोनों विमान भारत के एमआरएफए टेंडर के प्रतिस्पर्धी भी हैं। लेकिन, पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट F-35A की मौजूदगी से इनकार नहीं किया गया है।

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