बांग्लादेश सरकार चिढ़ी, क्रिकेटर शाकिब के घर पर अटैक… शेख हसीना के ‘कैमरा बंद’ भाषण के बाद क्या-क्या हुआ

बांग्लादेश में Gen-Z आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बुधवार को दो साल पूरे हो गए. लेकिन इन दो सालों में शेख हसीना ने बांग्लादेश को भुलाया नहीं है. वो आज भी बांग्लादेश लौटने की बात कह रही हैं. लेकिन उनके संबोधन के बाद बांग्लादेश भड़क गया है. उनके इवेंट से जुड़े क्रिकेटर और उनकी पार्टी के सांसद रहे शाकिब अल हसन के घर पर हमला भी हुआ. बांग्लादेश में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन हुए.

इससे पहले बुधवार को नई दिल्ली स्थित The Foreign Correspondents Club Of South Asia की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना वर्चुअली जुड़ी. और उन्होंने यहीं से अपने लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के लोगों ने पिछले दो वर्षों में बहुत दर्द झेला है, चारों तरफ डर फैल गया है, और इस डर को खत्म करने के लिए इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी, चाहे ऐसा करने के बाद उनकी जान ही क्यों ना चली जाए.
करीब 25 मिनट के उनके संबोधन में सुरक्षा कारणों से उनका कैमरा बंद था, इसलिए केवल उनकी आवाज सुनाई दे रही थी. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार उन्हें झूठे मुकदमों, मौत की सज़ा और दिखावटी सुनवाई से डरा नहीं सकती.

उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन और हंगामे के दौरान बांग्लादेश छोड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी पीएम आवास की ओर बढ़ रहे थे, और उनके पास उस वक्त निकलने के लिए केवल 30 से 40 मिनट ही थे. हालात ऐसे बने कि उन्हें देश छोड़ना पड़ा. लेकिन वो वापस जरूर लौटेंगी. उनके मुताबिक वो मजबूरी में देश छोड़कर गई थीं

बता दें कि बांग्लादेश छोड़ने के बाद से ही शेख हसीना भारत में रह रही हैं, और तभी से बांग्लादेश उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है. शेख हसीना भी जानती हैं कि जैसे ही वो बांग्लादेश पहुंचेंगी वैसे ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा, और मुमकिन है कि फांसी दे दी जाए.
शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में 663 मुकदमे दर्ज किए गए हैं. इनमें से करीब 453 मामले तो हत्या के हैं. इनमें से ज्यादातर मामले 2024 में हुए इस आंदोलन से जुड़े हैं, जिसने उनका तख्तापलट कर दिया था. पिछले साल 17 नवंबर को ढाका की एक विशेष अदालत ने शेख हसीना को ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी.
शेख हसीना का कहना है कि वो इन मुकदमों से डरती नहीं है. उन्होंने अपने संबोधन में साफ-साफ कहा है कि आज का बांग्लादेश वो बांग्लादेश नहीं है, जिसे उनके परिवार ने और 30 लाख लोगों ने अपनी जान देकर बनाया था. उनका कहना है कि बांग्लादेश आज एक असफल देश बन गया है, जहां मानवाधिकार खत्म हो चुके हैं. और वो फिर से दूसरा पाकिस्तान बन गया है जो भारत के पूर्व में है.

बांग्लादेश ने नाराजगी जताई

शेख हसीना के संबोधन के तुरंत बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय का बयान आया. इसमें बांग्लादेश ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि हसीना को आज प्रेस से बात करने की इजाजत दी गई. हालांकि, भारत सरकार पहले ही कह चुकी थी कि इस इवेंट ने उनका कोई लेना-देना नहीं है.
बांग्लादेश ने आज के कार्यक्रम में हसीना के बयान को ‘इतिहास की धारा को पलटने की बेकार कोशिश’ बताया है. बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि ‘भगोड़ी’ घोषित और दोषी ठहराई जा चुकी नरसंहार की आरोपी शेख हसीना को नई दिल्ली में मीडिया से लाइव बातचीत करने की इजाजत दी गई, जहां उन्होंने और उनके साथियों ने बांग्लादेश और वहां के लोगों के खिलाफ कथित जहरीली बातें कहीं.
ढाका ने कहा कि उसे इस बात का गहरा अफसोस है कि भारत सरकार को पहले ही यह बता दिया गया था कि इस कार्यक्रम से हमारे द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशों पर क्या असर पड़ सकता है, फिर भी इस सार्वजनिक कार्यक्रम को आयोजित करने की इजाज़त दी गई.
बयान में आगे कहा गया कि बांग्लादेश भारत के साथ संप्रभु समानता, आपसी सम्मान, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल न देने और राष्ट्रीय गरिमा पर आधारित रचनात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है.
दावा किया गया कि 2013 में बांग्लादेश और भारत के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के तहत दोषी अपराधी हसीना को बांग्लादेश वापस भेजने के लिए भारत सरकार से बार-बार किए गए अनुरोधों पर अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. इसके उलट, किसी भी बहाने से उन्हें मीडिया से खुलकर बातचीत करने का मौका देना भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाता है और बांग्लादेश व भारत के बीच अच्छे द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए नुकसानदेह है.

शाकिब अल हसन के घर पर हमला

हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस का असर सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं था. कुछ लोग भी इससे भड़क गए. बुधवार शाम को बांग्लादेश के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के मागुरा स्थित घर पर अज्ञात लोगों ने हमला किया. इसमें पत्थर फेंके गए और पेट्रोल बम से भी हमला हुआ. यह घटना शाकिब के बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कुछ घंटों बाद हुई

हसीना के मीडिया संबोधन से नाराज बांग्लादेशी सड़कों पर भी उतरे. हसीना-विरोधी पोस्टर लहराए गए. दीवारों पर उनकी भद्दी पेंटिंग्स बनाई गईं. उनके पुतले भी फूंके गए.
आगे हालात और भी बिगड़ सकते हैं. फिलहाल जेल और मौत की सजा के खतरे के बावजूद हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है.

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