ईरान का ट्रंप पर हमला, विदेश मंत्री अराघची बोले- तेल अवीव में ‘पालतू जानवरों’ का मुंह बंद कराएं, वरना सबक सिखाएंगे!

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप को अमेरिका से तेल अवीव में अपने सहयोगियों को मुंह बंद करने के लिए कहना चाहिए. यदि वे उनकी बात नहीं माने, तो ईरान उन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार है.
सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ”ट्रंप ने अमेरिका को तेल अवीव में अपने पालतू जानवरों का मुंह बंद करने के लिए कहा है. यदि वे अपने मालिक की बात नहीं मानेंगे, तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा. हमारे लोगों और लीडरशिप के खिलाफ किसी भी खतरे का तुरंत कड़ा जवाब दिया जाएगा. हम किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं करेंगे.”

ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान क्षेत्रीय तनाव के बीच आया है, जहां ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच लगातार बयानबाजी जारी है. सैयद अराघची ने ईरान के लोगों और नेतृत्व को लेकर भी सख्त रुख दिखाया. उन्होंने साफ संदेश दिया कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मामलों में किसी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा.

अराघची ने अपने बयान में ट्रंप से अपील की कि वह तेल अवीव में अपने सहयोगियों को नियंत्रित करें. यदि वे अमेरिका की बात नहीं मानते हैं तो ईरान जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा. उनके इस बयान को ईरान की ओर से अमेरिका और इजरायल के लिए कड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है. इसे जारी तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
इसी बीच युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआती डील को लागू करने के बारे में बातचीत के लिए अमेरिका के दो दूत मंगलवार को कतर पहुंचे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर का यह दौरा होर्मुज स्ट्रेट को शिपिंग ट्रैफिक के लिए फिर से खोलने की कोशिशों को लेकर वीकेंड में हुई गोलीबारी के बाद हुआ है.

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि दोहा में अमेरिकी दूत ईरानी डिप्लोमैट के साथ सीधी बातचीत नहीं करेंगे. US और ईरान पहले भी अप्रत्यक्ष बातचीत कर चुके हैं. लेकिन पिछले दो राउंड नाकाम हो गए हैं. ईरान का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी लेवल पर मीटिंग का कोई प्लान नहीं है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने मंगलवार को कहा, “कल दोहा में कतर पक्ष के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के कुछ हिस्सों को लागू करने पर चर्चा होगी, जिसमें ईरान के ब्लॉक किए गए एसेट्स को रिलीज करना भी शामिल है.” यह मुमकिन है कि दोनों पक्ष कतर के मीडिएटर्स के जरिए मैसेज का लेन-देन कर सकते हैं.

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