PM मोदी को CM शुभेंदु ने परोसी झालमुड़ी, NDA नेताओं ने भी चखा स्वाद,

दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार को आयोजित NDA कॉन्क्लेव में एक तरफ राजनीति, सरकार के 12 साल और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग अंदाज भी देखने को मिला. प्रधानमंत्री मोदी बैठक के दौरान बंगाल के मशहूर स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लेते नजर आए. दिलचस्प बात ये कि बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी झालमुड़ी परोस रहे थे.
इस वीडियो को खुद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया. दरअसल, NDA सरकार के 12 साल पूरे होने और नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार चुने गए प्रधानमंत्री बन रहने के मौके पर बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें पश्चिम बंगाल की पहचान बन चुके मशहूर स्नैक झालमुड़ी का भी जिक्र हुआ और PM ने इसका एक बार फिर स्वाद लिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “आज NDA मीटिंग में साथी नेताओं के साथ झालमुड़ी शेयर करते हुए.” वीडियो में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य NDA नेताओं को झालमुड़ी परोसते हुए देखा जा सकता है. आज TMC के बागी सांसदों की लिस्ट जारी हुई है, जिसमें 19 लोगों के हस्ताक्षर सामने आए हैं.

क्या है झालमुड़ी, जिसे पसंद करते हैं मोदी?

झालमुड़ी पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड में से एक है. विशेष रूप से कोलकाता की पहचान माना जाता है. ये मुरमुरे, भुनी हुई मूंगफली, बारीक कटे प्याज, टमाटर, उबले आलू, हर्ब्स और विभिन्न मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाता है. झालमुड़ी नाम दो बंगाली शब्दों से मिलकर बना है. ‘झाल’ का मतलब होता है मसालेदार, जबकि ‘मुड़ी’ का अर्थ है मुरमुरे. ये अपने तीखे और चटपटे स्वाद के लिए मशहूर है.

झालमुड़ी ने कैसे बदला बंगाल का चुनाव?

यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी को झालमुड़ी का आनंद लेते देखा गया हो. इससे पहले 19 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी उनका ऐसा ही अंदाज देखने को मिला था. झारग्राम में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने के बाद जब प्रधानमंत्री अपने हेलीकॉप्टर की ओर जा रहे थे, तब वह अचानक सड़क किनारे लगे एक झालमुड़ी स्टॉल पर रुक गए थे. 

उन्होंने स्थानीय विक्रेता से बातचीत की, झालमुड़ी खरीदी और लोगों से भी कुछ देर तक संवाद किया था. उस दौरान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे. इसके बाद झालमुरी सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं रही, बल्कि बंगाल चुनाव की राजनीति में एक प्रतीक बनकर उभरी. बीजेपी ने भी इसे अपने चुनाव प्रचार का हिस्सा बनाया. पार्टी के कई बड़े नेता झालमुरी खाते नजर आए थे. 

शक्ति प्रदर्शन का मंच बना भारत मंडपम

इतना ही नहीं, चुनावी जीत के बाद बीजेपी मुख्यालय में समर्थकों के बीच झालमुरी बांटकर जश्न भी मनाया गया. बुधवार को भारत मंडपम में NDA घटक दलों का बड़ा कॉन्क्लेव आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने का जश्न मनाना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार चुने गए प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक क्षण को चिह्नित करना था.

प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और NDA के सभी घटक दलों के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए. NDA शासित सभी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. इसके अलावा गठबंधन में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने भी बैठक में भाग लिया. इसे NDA की आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा

बुधवार का दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया. उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार चुने गए प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल किया. मोदी ने 1952 के आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बने जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड पार कर लिया. 
नेहरू का 1947 से 1952 तक का कार्यकाल इस गणना में शामिल नहीं किया जाता क्योंकि उस दौरान वे अंतरिम सरकार के प्रमुख थे. देश में आम चुनाव नहीं हुए थे. बुधवार को 4399 दिनों का कार्यकाल पूरा करने के साथ नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए. हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कुल मिलाकर 14 वर्ष से अधिक समय तक प्रधानमंत्री रही थीं.

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