मच्छर और माफिया दोनों खत्म किए’, कुशीनगर में बोले CM योगी- ‘फाजिलनगर’ का नाम अब ‘पावागढ़’ होगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में 424 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करके जिले को प्रगति की नई राह दिखाई. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद तमकुही राज और पावा नगर की पवित्र भूमि पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने विपक्ष की सरकारों में रहे पहचान के संकट, जंगल पार्टी के आतंक और विभिन्न माफियाओं के राज को खत्म करने के उद्देश्य से अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों की मांग को स्वीकार करते हुए फाजिलनगर का नाम बदलकर ‘पावागढ़’ करने का आधिकारिक प्रस्ताव रखने की घोषणा की.  उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में मच्छर और माफिया दोनों का इलाज कर उन्हें जड़ से खत्म किया गया. बीमारी भी दूर और क्राइम भी. 

2017 से पहले पहचान का संकट और माफियाओं का आतंक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरानी स्थिति की याद दिलाते हुए कहा कि करीब नौ-दस साल पहले कुशीनगर पहचान और बीमारी के संकट से जूझ रहा था. उस दौर में यहां खनन माफिया, बालू माफिया और ‘जंगल पार्टी’ का भारी आतंक था. आज की 25 वर्ष से कम उम्र की युवा पीढ़ी उस खौफ और अराजकता को शायद जानती भी नहीं होगी. इसके अलावा, इंसेफ्लाइटिस जैसी खतरनाक बीमारी यहां के मासूम बच्चों की जान ले रही थी और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल स्थिति में थी.

किसानों की दुर्दशा और विपक्ष पर राम मंदिर को लेकर प्रहार

सीएम योगी ने बताया कि पहले किसानों की स्थिति बेहद खराब थी. गन्ने की पर्ची तक नहीं मिलती थी और मिलने पर घटतौली का सामना करना पड़ता था. उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद राम मंदिर नहीं बनने दिया और समाजवादी पार्टी तो घोषित रामद्रोही है.  उन्होंने याद दिलाया कि 498 वर्ष पहले एक विदेशी आक्रांता ने मंदिर तोड़ा था, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार बनने के बाद ही राम भक्तों का संकल्प पूरा हो पाया है.

फाजिलनगर’ का नाम बदलकर अब होगा ‘पावागढ़’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से पहले तमकुहीराज और फाजिलनगर के नाम पर सिर्फ मसखरेबाजी होती थी और इसे मजाक का पात्र बना दिया गया था. उन्होंने मंच से घोषणा की कि फाजिलनगर के विधायक और सांसद की मांग पर सरकार ने इसके नामकरण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है. अब इसे फाजिलनगर नहीं कहा जाएगा, बल्कि भगवान महावीर के नाम से जोड़कर ‘पावागढ़’ के रूप में नई आधिकारिक मान्यता दी जाएगी.

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