प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट अब सामने आ चुकी है और मेडिकल भाषा में मौत की वजह चौंकाने वाली है. रिपोर्ट के मुताबिक, मौत का मुख्य कारण ‘पल्मोनरी थ्रोम्बोम्बोलिज्म’ बताया गया है. आसान शब्दों में कहें तो, फेफड़ों की नस में खून का एक बड़ा थक्का जम गया था, जिसकी वजह से दिल और फेफड़ों ने अचानक काम करना बंद कर दिया और शरीर का सिस्टम पूरी तरह कोलैप्स हो गया.
इतना ही नहीं, डॉक्टरों ने जांच को पुख्ता करने के लिए विसरा (Viscera) और हार्ट के कुछ अंगों को केमिकल और हिस्टोपैथोलॉजिकल टेस्ट के लिए सुरक्षित रख लिया है. विसरा को भी केमिकल जांच के लिए भेजा गया है ताकि किसी जहर या अन्य रसायनों की पुष्टि हो सके. अब विसरा रिपोर्ट के आने का इंतजार है, जिससे मौत की आखिरी और पुख्ता वजह साफ हो पाएगी.
डॉक्टरों के मुताबिक, पीएम रिपोर्ट के आधार पर कई जगह चोट के निशान दिखे हैं जो कि पुरानी चोट बताई जा रही है. हृदय गति रुकने से मौत कि पुष्टि हुई है. बीमारी की वजह से बाये पैर के अंगूठे का नाखून नीला था.
कब और कैसे क्या हुआ?
बता दें कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक पहले से डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी), पल्मोनरी एम्बोलिज्म और हार्ट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे.
एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से हाई ब्लड प्रेशर और डीवीटी के इलाज में थे और हाल ही में उन्हें सांस लेने में अचानक तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत हुई थी. लगभग तीन सप्ताह पहले उनके पल्मोनरी एम्बोलिज्म का भी इलाज हुआ था. उनकी पत्नी अपर्णा यादव घटना के समय बाहर थीं और बाद में लखनऊ लौट आईं.
क्या बोले अखिलेश यादव?
समाजवादी पार्टी प्रमुख और उनके सौतेले भाई अखिलेश यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि प्रतीक एक मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, जो अपने काम के दम पर पहचान बनाना चाहते थे.
उन्होंने यह भी बताया कि लगभग दो महीने पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी, जिसमें उन्होंने प्रतीक को स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी थी. अखिलेश यादव ने कहा कि परिवार इस समय गहरे शोक में है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा.
सिविल अस्पताल के निदेशक ने क्या बताया?
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जी.सी. गुप्ता ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे ड्राइवर अस्पताल पहुंचा था और इमरजेंसी मदद मांगी थी. मेडिकल टीम जब उनके घर पहुंची, तब तक प्रतीक में जिंदा रहने के कोई संकेत नहीं थे. बाद में उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई. उन्होंने यह भी बताया कि परिवार शुरू में शव घर ले जाना चाहता था, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम के लिए सहमति दे दी गई.
भाजपा-सपा ने अपने राजनीतिक कार्यक्रम रद्द किए
घटना के बाद समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों ने अपने राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए. शिवपाल यादव सहित कई नेताओं ने शोक जताया. राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस नेता और अन्य राजनीतिक दलों ने भी संवेदना व्यक्त की. प्रतीक का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया जाएगा.
इसी बीच, प्रतीक यादव की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही. उन्होंने जनवरी में सोशल मीडिया पर पारिवारिक विवाद का जिक्र करते हुए अपनी पत्नी से मतभेद की बात कही थी, हालांकि बाद में उन्होंने सुलह की घोषणा भी की थी.
PTI से इनपुट के साथ
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