नौकरी से निकाल दिया तो क्यों आए हो?’ घर में एंट्री से पहले नजर में आ गया था IRS की बेटी का हत्यारा

दिल्ली में बी एक आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ रेप के बाद निर्मम हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अमर कॉलोनी इलाके में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा को पुलिस ने द्वारका स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है. पुलिस ने इस मामले में दुष्कर्म, हत्या और लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. 

एक दिन पहले भी पड़ोसी से रेप

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि 23 साल के इस आरोपी ने वारदात से पहले राजस्थान के अलवर में अपनी पड़ोसी महिला के साथ भी रेप किया था. जानकारी के मुताबिक, वह अलवर में देर रात करीब 10:30 बजे पीड़िता के घर में घुसा, उसे जबरन पकड़कर उसके साथ मारपीट की और बलात्कार किया. इसके बाद उसे धमकी देकर करीब 11 बजे वहां से फरार हो गया.

नौकरी से निकाल दिया तो क्यों आए हो?’

 राहुल को बुधवार तड़के अपराध करने से पहले अधिकारी के घर के पास देखा गया था. इलाके के एक दुकानदार ने बताया, ‘स्थानीय लोगों ने राहुल से पूछा भी था कि नौकरी से निकाले जाने के बाद वह यहां क्यों आया है. उसने बताया कि- इलाके में काम ढूंढ रहा हूं , कुछ हो तो बताना.’

चार्जर के केबल से घोंटा युवती का गला

पुलिस ने बताया कि राहुल मीणा करीब आठ महीने से परिवार के साथ घरेलू काम कर रहा था और लगभग एक महीने पहले उसे नौकरी से निकाल दिया गया था और अब गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा की तैयारी कर रही युवती के साथ कथित तौर पर रेप किया गया और फिर मोबाइल फोन चार्जर के केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई. 

  युवती के अकेले होने का इंतजार किया और फिर…

दुकानदार ने आगे बताया कि कुछ ड्राइवरों ने सुबह 6.30 बजे सोसाइटी में घुसते हुए राहुल को पहचान लिया था और उससे पूछा कि इतनी सुबह यहां क्या कर रहे हो. यानी वह युवती के अकेले होने का इंतजार कर रहा था. वह 6:30 बजे सोसाइटी में दाखिल हुआ. करीब 6:39 बजे घर में घुसा और करीब 7:30 बजे घर से निकल गया. जब लड़की के माता-पिता सुबह करीब 8 बजे जिम से घर लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी को खून से लथपथ पाया. पीड़िता के कपड़े फटे हुए थे और वह कमर से नीचे नग्न थी.

कैसे पकड़ा गया राहुल मीणा?

वारदात की जानकारी के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी का पता लगाने के लिए 15 टीमें बनाईं. शुरुआती जानकारी सोसाइटी के गेट और उस इमारत के गेट पर लगे कैमरों से ली गई जिसमें पीड़िता रहती थी. इसके जरिए दिल्ली पुलिस आरोपी के जाने की दिशा का पता लगाने में सक्षम हुई. फुटेज की गहन जांच से पुलिस उस ऑटो को पहचानने में सफल रही जिसमें आरोपी बैठकर वापस गया था. ऑटो चालक का पता लगाया गया और उसने पुलिस को बताया कि उसने आरोपी को एक होटल में छोड़ा था. आखिरकार पुलिस वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया.

सट्टेबाजी के चलते नौकरी से धोया था हाथ

बता दें कि 8 महीने पहले आरोपी को एक अन्य अधिकारी की सिफारिश पर आईआरएस द्वारा नियुक्त किया गया था. वह वहां लगभग एक माह पहले तक  कार्यरत था. लेकिन अधिकारी को उसकी सट्टेबाजी की आदत के बारे में पता चला तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया. सट्टेबाजी के लिए वह न केवल अधिकारी को धोखा देता था, बल्कि इलाके के लोगों से पैसे भी उधार लेता था. आरोपी दवाइयां लाने के लिए परिवार से पैसे लेता था, लेकिन दुकानदार से उधारी करता था. परिवार को इस बात का पता चल गया तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

‘ज्यादातर घरों में पर्सनल सेक्योरिटी गार्ड’  

इलाके के एक निवासी सुमित ने एजेंसी को बताया कि हालांकि यह इलाका सुरक्षित माना जाता है, लेकिन जिस इमारत में पीड़िता और उसका परिवार रहता था, वहां कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था. सुमित ने कहा, ‘कॉलोनी में गेट लगा हुआ है, लेकिन इस खास इमारत की सुरक्षा के लिए कोई गार्ड नहीं है. यहां के ज्यादातर घरों में पर्सनल सेक्योरिटी गार्ड हैं. पहले भी दो-तीन चोरी की घटनाएं हुई थीं, लेकिन हमने कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी भयानक घटना हो सकती है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘घर में मेरी एक बेटी और एक बहू हैं. अगर सुबह-सुबह घर के अंदर ऐसी घटना हो सकती है, तो स्वाभाविक रूप से लोग रात में होने वाली घटनाओं को लेकर डरे हुए हैं.’

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