ईरान पर हमला करके अमेरिका ने सही किया या गलत? क्या ईरान पर बमबारी करके अमेरिका को फायदा हुआ? ईरान में रिजीम बदलने के लिए शुरू हुए अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन के सीजफायर पर सिमटने के क्या मायने हैं? एक पोल में अमेरिकियों ने इन सवालों पर जो जवाब दिया, उससे राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है. पोल में शामिल 51 फीसदी अमेरिकी नहीं मानते कि ईरान पर हमला करने का अमेरिका को फायदा हुआ है.
मार्केट रिसर्च और पोल कंपनी इप्सोस के नए पोल में पता चला है कि बहुत कम अमेरिकी ईरान में अमेरिका के मिलिट्री ऑपरेशन का सपोर्ट करते हैं. यह पोल 10 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच किया गया था. सिर्फ 24 फीसदी लोगों का कहना है कि जंग के नुकसान और फायदे को देखें तो ईरान में डॉनल्ड ट्रंप की अमेरिकी कार्रवाई का फैसला फायदेमंद रहा है.
प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप शायद ही इससे खुश हों,
क्योंकि ज्यादातर अमेरिकियों (51 फीसदी) का कहना है कि ईरान पर यूएस मिलिट्री का अटैक करना फायदेमंद नहीं रहा. 22 फीसदी लोगों की इस बारे में कोई साफ राय नहीं है.
पाकिस्तान में ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ फेल होने के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी का ऐलान कर दिया. अब अमेरिका ईरान पोर्ट्स से आने-जाने वाले जहाजों को पकड़ने की कोशिश कर रहा है. वहीं, डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी न्यूज आउटलेट न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि अगले दो दिन में अमेरिका-ईरान की फिर से बातचीत हो सकती है.
इन सब हालात के बीच 54 फीसदी लोगों का कहना है कि इस जंग से उनकी फाइनेंशियल कंडीशन पर ज्यादातर नेगेटिव असर पड़ा है. 65 फीसदी डेमोक्रेट्स, 56 फीसदी इंडिपेंडेंट्स और 40 फीसदी रिपब्लिकन्स ने ऐसा बताया.
अमेरिका और वेस्ट एशिया में संघर्ष से अमेरिकियों के बीच तेजी से नेगेटिव राय बनती जा रही है. 51 फीसदी अमेरिकियों को लगता है कि अगले साल ईरान में लोगों की जिंदगी की क्वालिटी और खराब हो जाएगी. 17 फीसदी लोग इस राय से इत्तिफाक नहीं रखते. वेस्ट एशिया में स्टेबिलिटी को लेकर भी लोगों की राय एक जैसी है. 52 फीसदी लोगों का कहना है कि हालत और खराब होंगे, जबकि 19 फीसदी का कहना है कि हालात बेहतर होंगे.
ईरान पर अमेरिकी मिलिट्री एक्शन का अमेरिका की सुरक्षा पर लॉन्ग टर्म में क्या असर पड़ेगा? इस पर 41 फीसदी लोगों का मानना है कि अमेरिका की सुरक्षा और खराब हो जाएगी. 26 फीसदी का मानना है कि इससे सुरक्षा बेहतर होगी और 29 फीसदी का कहना है कि इससे किसी भी तरह से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.
फिलहाल यह साफ नहीं है कि इस पोल में कितने अमेरिकियों ने हिस्सा लिया. लेकिन, पोल के नतीजे नवंबर 2026 में होने वाले मिडटर्म चुनावों में डॉनल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं. अगर ट्रंप मिडटर्म चुनाव हार जाते हैं, तो उनकी प्रेसिडेंट की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है.
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