..जब ईरानी शाहेद ड्रोन के पीछे पड़ा अमेरिकी F-15, इराक के आसमान में एयर वॉरफेयर का थ्रिल

उत्तरी इराक के आसमान में एयर वॉरफेयर का एक रोमाचंक वीडियो सामने आया है. यहां अमेरिकी वायुसेना का मॉर्डन F-15 फाइटर जेट एक ईरानी शाहेद ड्रोन का पीछा कर रहा है. जंग की टेंशन के बीच इन दोनों विध्वंसक हथियारों की डॉगफाइट युद्ध के थ्रिल का एहसास कराती है. 
वीडियो में साफ दिख रहा है कि F-15 का पायलट बार-बार टर्न लेता है, आसमान में कई बार कलाबाजियां खाता है, नीचे उतरता है और ड्रोन को विजुअली ट्रैक करने की कोशिश करता है. लेकिन शाहेद ड्रोन ने इस जंग में गजब की स्मार्टनेस दिखाई है. शाहेद ड्रोन बार बार छकाता है और काफी नीचे आ जाता है, F-16 से बचने के लिए वो अपनी स्पीड कम कर देता है. 
आखिरकार 80 मिलियन डॉलर का अमेरिकी फाइटर जेट शाहेद ड्रोन का शिकार नहीं कर पाता है और F-15 बार बार ओवरशूट कर जाता है.
ये ऐसा ही है जैसे कोई फॉर्मूला-1 कार छोटी सी मक्खी को पकड़ने की कोशिश कर रही हो. 
आखिरकार F-15 पायलट को सुरक्षित ऊंचाई से भी नीचे आना पड़ा, फिर ड्रोन भी बच निकला. 
जमीन पर इस वीडियो को शूट करने वाले शख्स का हाथ कांप रहा है. उसे विमान की स्पीड से अपना कैमरा मैच करना है. 
कुछ ही दूर आगे जाकर ड्रोन ने सफलतापूर्वक हमला कर एरबिल के पास स्थित कास्ट्रोल तेल फैसिलिटी को ब्लास्ट कर दिया. इसके बाद यहां धुएं का भारी गुबार निकलते हुए देखा गया.  F-15 अब भी आसमान में चक्कर काट रहा है, लेकिन ड्रोन अपना काम कर चुका था. 
यह घटना आधुनिक युद्ध का नया रूप उजागर करती है. महंगे फाइटर जेट हाई-स्पीड डॉगफाइट के लिए बने हैं, लेकिन 20 हजार से 50 हजार डॉलर के सस्ते और नीचे उड़ने वाले शाहेद ड्रोन उनके लिए चुनौती बन गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह असममित युद्ध का उदाहरण है, जहां सस्ती तकनीक महंगी एयर पावर को टक्कर दे रही है. 
ईरान का शाहेद-136 ड्रोन इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जंग में एक सस्ता लेकिन घातक हथियार बन गया है. यह एक वन-वे अटैक ड्रोन है, जो लक्ष्य पर जाकर खुद विस्फोट कर जाता है.यह डेल्टा-विंग डिज़ाइन वाला है, जिसमें पीछे पुशर प्रोपेलर और MD-550 पिस्टन इंजन लगा होता है. GPS और इनर्शियल नेविगेशन से निर्देशित यह ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़कर रडार को चकमा दे सकता है. ईरान ने 2021 में इसे सार्वजनिक किया. रूस को Geran-2 नाम से सप्लाई किया गया, जहां यूक्रेन युद्ध में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ. हूती विद्रोहियों और अन्य ग्रुप्स ने भी इसका उपयोग किया.
शाहेद ड्रोन की लंबाई 3.5 मीटर और विंगस्पैन 2.5 मीटर होता है. इस वजन 200 किलो और स्पीड 185 किलोमीटर प्रति घंटे होती है. ये ड्रोन 2000 किलोमीटर तक उड़ सकता है और इसमें 30 से 35 किलोग्राम वारहेड ले जाने की क्षमता होती है.

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