रेड कार्पेट पर गिरकर टूटा पाकिस्तान के डिप्टी पीएम का कंधा, करा रहे थे ईरान जंग पर मध्यस्थता

ईरान जंग में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार अपना कंधा तुड़वा बैठे हैं. इशाक डार पाकिस्तान की ओर से प्रमुख शख्सियत हैं जो ईरान वॉर में मध्यस्थता कर रहे हैं. पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अहमियत दिखाने के लिए ईरान और इजरायल अमेरिका की लड़ाई में कथित मध्यस्थ की तरह काम कर रहा है. 
इसी दौरान रविवार 29 मार्च को पाकिस्तान की राजधानी इस्लाामाबाद में वे मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की एक बैठक को कॉर्डिनेट कर रहे थे. 

यह घटना पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के कार्यालय में हुई. दरअसल वे मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलाती का स्वागत कर रहे थे. इशाक डार रेड कार्पेट पर चलते हुए फोटो खिंचवाने और हैंडशेक करने के लिए आगे बढ़ रहे थे.  तभी उनका पैर फिसल गया और वे लड़खड़ाकर गिर पड़े. इस दौरान उन्हें कंधों और पैरों में चोट आई थी. 

अब उनके बेटे अली डार ने कहा है कि उनके पिता का कंधा टूट गया है. अली डार ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है, “इशाक डार साहब ने आज मिस्र के विदेश मंत्री के स्वागत के दौरान चोट लगने के बावजूद, पूरे दिन दर्द दूर करने वाली दवाएं लेकर अपनी सभी अत्यंत महत्वपूर्ण बैठकें.”
अली डार ने कहा कि रात करीब 9 बजे सभी आधिकारिक कार्यक्रमों के समाप्त होने के बाद उनका मेडिकल चेकअप किया गया. इस एक्सरे में कंधे में  हेयरलाइन फ्रैक्चर है. 

हेयरलाइन फ्रैक्चर क्या होता है

अली डार ने एक्स पर लिखा, “उनके एक्स-रे कुल मिलाकर ठीक हैं. कंधे में एक हेयरलाइन फ्रैक्चर है. आने वाले कुछ दिनों में दवाओं और अन्य एहतियाती उपायों के ज़रिए उनके दर्द को कंट्रोल किया जाएगा. आप सभी के संदेशों, प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं के लिए आप सभी का धन्यवाद.”
हेयरलाइन फ्रैक्चर जिसे स्ट्रेस फ्रैक्चर भी कहते हैं हड्डी में एक बहुत पतली, बारीक दरार होती है. यह पूरी हड्डी को दो टुकड़ों में नहीं तोड़ती, बल्कि सिर्फ उसकी सतह पर एक रेखा जैसी छोटी सी फट जाती है. अगर अनदेखा किया जाए तो यह बड़ा फ्रैक्चर बन सकता है. इलाज के दौरान  4-8 हफ्ते वजन नहीं उठाना पड़ता है. 

पाक समेत चार देशों के मंत्री जमा हुए थे

इस बैठक में पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री एक साथ आए. यह एक समन्वित क्षेत्रीय प्रयास का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य ईरान संघर्ष को शांत करना है. ईरान जंग के एक महीने से ज्यादा हो चुके हैं. इस संघर्ष से अब यह डर बढ़ गया है कि यह और ज़्यादा फैल सकता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा डाल सकता है. 
ईरान वॉर में पाकिस्तान न्यूट्रल रहने दावा करते हुए मुख्य रूप से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. इस्लामाबाद ने अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत कराने में संदेशवाहक को रोल निभा रहा है.

पाकिस्तान ने अमेरिका का 15-पॉइंट प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया और संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है. 29 मार्च 2026 को पाकिस्तान ने सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की, जिसमें युद्ध को समाप्त करने और डी-एस्केलेशन के प्रयास किए गए. विदेश मंत्री इशाक डार ने घोषणा की कि पाकिस्तान जल्द ही अमेरिका और ईरान वार्ता की मेजबानी करेगा.

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