जंग के बीच भारत के लिए बड़ी खुशखबरी… होर्मुज से गुजर रहे तेल के दो और जहाज, नेवी पूरी तरह मुस्तैद

मिडिल ईस्ट में जारी जंग और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते खतरे के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आने वाले दो और व्यापारी जहाज इस अहम समुद्री मार्ग को पार कर रहे हैं और जल्द ही भारत पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे समय में जब ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण इस रूट पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित है, यह घटनाक्रम भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है.
इन जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क है. फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में युद्धपोत तैनात किए गए हैं, जो जरूरत पड़ने पर इन जहाजों को सुरक्षा और सहायता देने के लिए तैयार हैं. हालात को देखते हुए नौसेना लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके.
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी जहाज इसी रास्ते से भारत की ओर बढ़ सकते हैं. इसका मतलब है कि तमाम भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत अपनी जरूरी ऊर्जा सप्लाई लाइनों को चालू रखने में सफल हो रहा है. इससे देश में ईंधन संकट की आशंकाओं को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है.
एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों या नाविकों से जुड़ी किसी भी तरह की अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि फारस की खाड़ी में इस समय भारतीय झंडे वाले करीब 20 जहाज संचालन कर रहे हैं, जिनमें लगभग 540 भारतीय सवार हैं, और सभी सुरक्षित हैं.

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि शिपिंग महानिदेशालय का 24×7 कम्युनिकेशन सेंटर लगातार सक्रिय है. पिछले 24 घंटों में सेंटर को 98 कॉल और 335 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका तुरंत जवाब दिया गया. यह इस बात का संकेत है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हैं.
वहीं, विदेश मंत्रालय ने भी साफ किया है कि भारत पश्चिम एशिया में हालात पर करीब से नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संपर्क में है ताकि इस अहम समुद्री मार्ग पर सुरक्षित और बेरोकटोक  आवाजाही सुनिश्चित की जा सके.
विदेश सचिव ने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में चार भारतीय जहाज, जो एलपीजी लेकर आ रहे थे, सफलतापूर्वक इस स्ट्रेट को पार कर चुके हैं. यह घटनाक्रम इस बात को दर्शाता है कि चुनौतियों के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सक्रिय रणनीति पर काम कर रहा है.

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *